SWAGAT-FI का जलवा: पहले 100 दिनों में जुड़े **164** ग्लोबल इन्वेस्टर्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
SWAGAT-FI का जलवा: पहले 100 दिनों में जुड़े **164** ग्लोबल इन्वेस्टर्स

भारत के नए SWAGAT-FI फ्रेमवर्क ने लॉन्च के बाद से **164** विदेशी निवेशकों को अपने साथ जोड़ा है। इसका मकसद विदेशी संस्थागत दिग्गजों के लिए भारतीय बाजार में एंट्री को आसान बनाना है, हालांकि बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी निवेश का फ्लो मिला-जुला बना हुआ है।

क्या है SWAGAT-FI का गणित?

1 जून को लॉन्च हुए 'Single Window Automatic and Generalised Access for Trusted Foreign Investors' (SWAGAT-FI) फ्रेमवर्क ने अपनी शुरुआत के 100 दिनों में 164 ग्लोबल संस्थाओं को ऑनबोर्ड किया है। इस सिस्टम का मुख्य लक्ष्य पुराने और जटिल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को खत्म करके इसे सरल बनाना है। सरकार ने रजिस्ट्रेशन की अवधि को बढ़ाकर 10 साल कर दिया है, जिससे कंपनियों के कंप्लायंस खर्च में बड़ी कटौती हुई है।

कौन से बड़े नाम हुए शामिल?

यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर सॉवरेन वेल्थ फंड्स, पेंशन फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, BlackRock, Vanguard, State Street और Franklin Templeton जैसे दिग्गज ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस पहले ही इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर चुके हैं। इनके अलावा, कोरिया इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और मलेशिया के कई पेंशन फंड भी इसमें शामिल हुए हैं।

बाजार का हाल और चुनौतियां

यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारतीय इक्विटी में विदेशी हिस्सेदारी 17 साल के निचले स्तर पर है। हालांकि, बाजार का हाल अभी भी अस्थिर बना हुआ है। जून से अगस्त के बीच बाजार में ₹70,200 करोड़ का नेट इनफ्लो देखने को मिला, लेकिन सितंबर में ग्लोबल सेंटीमेंट्स बिगड़ने से ₹27,810 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया।

निवेशकों के लिए SWAGAT-FI निश्चित रूप से 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन, यह याद रखना जरूरी है कि भले ही एंट्री आसान हो गई हो, लेकिन बाजार की दिशा अंततः इंटरेस्ट रेट्स, करेंसी फ्लक्चुएशंस और ग्लोबल रिस्क एपेटाइट जैसे बड़े फैक्टर्स पर ही निर्भर करेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह नया सिस्टम मार्केट स्ट्रेस के दौरान भी कंसिस्टेंट निवेश बनाए रखने में मदद कर पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.