ये नए प्रेडिक्शन ऑप्शन्स क्या हैं?
इस लॉन्च के साथ ही एक नए तरह का फाइनेंशियल प्रोडक्ट पेश किया गया है, जिसे बाइनरी ऑप्शन्स (binary options) कहा जाता है। ये कॉन्ट्रैक्ट्स या तो पूरी तरह से सेटल होंगे या बिल्कुल नहीं, और इनका पेआउट $100 तय है। यह सीधे इंडेक्स की मूवमेंट से जुड़े एक सरल नतीजे पर आधारित होता है। इससे ट्रेडर्स असल दुनिया की फाइनेंशियल घटनाओं की दिशा पर 'बेट' (bet) लगा सकते हैं, और यह प्रेडिक्शन मार्केट (prediction market) के बढ़ते चलन का हिस्सा है।
Nasdaq-100 पर खास फोकस
ये नए ऑप्शन्स Nasdaq MRX पर लिस्ट किए जाएंगे, जो Nasdaq का इलेक्ट्रॉनिक ऑप्शन्स एक्सचेंज है। ये खासतौर पर Nasdaq-100 इंडेक्स से जुड़े होंगे, जिसमें Nasdaq पर लिस्टेड 100 सबसे बड़ी नॉन-फाइनेंशियल कंपनियां शामिल हैं, जिनमें कई बड़ी टेक कंपनियां भी हैं। इंडेक्स के माइक्रो वर्जन, जो उसके वैल्यू का 1/100वां हिस्सा है, का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
SEC की तेज मंजूरी
SEC ने इन नए ऑप्शन्स के लिए त्वरित मंजूरी दे दी है। रेगुलेटर का कहना है कि प्रस्ताव सभी नियामक जरूरतों को पूरा करता है और कोई नई चिंता पैदा नहीं करता। Nasdaq के प्रवक्ता ने इस मंजूरी पर खुशी जाहिर की है और कहा है कि इन इंस्ट्रूमेंट्स से नई रेवेन्यू स्ट्रीम (revenue streams) बन सकती हैं और बाजार की अहम जानकारी भी मिल सकती है।
कॉम्पिटिशन और इंडस्ट्री का ट्रेंड
Nasdaq को इस स्पेस में कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। Cboe Global Markets भी इसी तरह के "ऑल-ऑर-नथिंग" (all-or-none) कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम कर रहा है, जो फाइनेंशियल और इकोनॉमिक घटनाओं पर केंद्रित हैं। Cboe का लक्ष्य इन्हें दूसरी तिमाही में लॉन्च करना है, जो रेगुलेटरी मंजूरी पर निर्भर है। यह दिखाता है कि इंडस्ट्री में प्रेडिक्शन मार्केट के भीतर इनोवेटिव फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बनाने की एक व्यापक गति है।
