SEBI की सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी (SMAC) 15 अक्टूबर, 2026 को एक अहम बैठक करने जा रही है। इस मीटिंग में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिसे लेकर बाजार से **20,000** से ज्यादा फीडबैक मिले हैं।
बाजार की चिंताओं पर मंथन
सेबी (SEBI) ने 3 अगस्त, 2026 को F&O शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) पेश किया था। लेकिन लागू होने के बाद से ही मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने इसे लेकर चिंताएं जाहिर की हैं। रेगुलेटर को मिले 20,000 से ज्यादा सुझावों से साफ है कि ट्रेडर्स और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स मौजूदा सिस्टम से पूरी तरह सहज नहीं हैं।
क्यों हो रहा है विरोध?
ट्रेडर्स का मुख्य तर्क यह है कि ऑक्शन-बेस्ड प्राइस डिस्कवरी के कारण डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के दौरान मार्केट में वोलाटिलिटी (Volatility) बढ़ रही है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि पहले से चला आ रहा 30 मिनट का 'वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस' (VWAP) मेथड, F&O कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कहीं ज्यादा स्टेबल और बेहतर था।
क्या है अगला कदम?
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट किया है कि रेगुलेटर इन फीडबैक की बारीकी से समीक्षा कर रहा है। 15 अक्टूबर की बैठक में यह तय होगा कि:
- मौजूदा CAS फ्रेमवर्क जारी रहेगा।
- वापस पुराने VWAP सिस्टम को अपनाया जाएगा।
- या फिर दोनों का एक हाइब्रिड मॉडल तैयार किया जाएगा।
निवेशकों के लिए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेटलमेंट प्राइस में अनिश्चितता का असर हेजिंग स्ट्रैटेजी और पोर्टफोलियो वैल्यूएशन पर पड़ता है। बाजार की नजर अब सेबी के अगले सर्कुलर पर टिकी है।
