SEBI और NISM का बड़ा कदम: म्यूचुअल फंड और SIF डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए अब एक ही एग्जाम!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SEBI और NISM का बड़ा कदम: म्यूचुअल फंड और SIF डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए अब एक ही एग्जाम!

SEBI और NISM अब म्यूचुअल फंड (MF) और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) के डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए एक संयुक्त परीक्षा (unified exam) लाने की तैयारी में हैं। इसका मकसद पेशेवर मानकों को और बेहतर बनाना है। आपको बता दें कि SIFs ने 2025 में लॉन्च होने के बाद से ही **₹13,500 करोड़** से ज्यादा की संपत्ति जमा कर ली है। जैसे-जैसे निवेश के तरीके बढ़ रहे हैं, यह बदलाव बेहतर सलाह सुनिश्चित करेगा।

म्यूचुअल फंड और SIF डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए नया नियम

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) मिलकर म्यूचुअल फंड्स और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) के डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए एक सिंगल, कंबाइंड सर्टिफिकेशन एग्जामिनेशन (combined certification examination) लाने पर काम कर रहे हैं। SEBI के होल टाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने हाल ही में दिल्ली में एक म्यूचुअल फंड समिट के दौरान इस बात की जानकारी दी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की विशेषज्ञता के स्तर को मानकीकृत (standardize) करना और बढ़ाना है जो जनता को ये वित्तीय उत्पाद (financial products) बेचते हैं।

स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) का बढ़ता दबदबा

यह बदलाव तब आया है जब रेगुलेटर द्वारा पिछले साल पेश किया गया SIF फ्रेमवर्क भारतीय बाजार में लगातार मजबूत हो रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 31 मई 2026 तक इन फंड्स ने ₹13,500 करोड़ से अधिक की संपत्ति (assets under management) जुटाई थी। यह निवेश लगभग 56,000 निवेशक फोलियो (investor folios) में फैला हुआ है। अब तक, इस फ्रेमवर्क के तहत 21 विभिन्न निवेश रणनीतियाँ (investment strategies) लॉन्च की जा चुकी हैं। इनमें से, हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट (Hybrid Long Short) रणनीति कुल संपत्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हासिल करने के साथ एक पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरी है, जो अधिक जटिल, विनियमित निवेश विकल्पों (regulated investment options) के लिए निवेशकों की मांग को दर्शाता है।

लंबी अवधि की योजना के लिए नए फ्रेमवर्क

डिस्ट्रीब्यूटर प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के प्रयासों के साथ-साथ, SEBI ने लाइफ साइकिल फंड्स (Life Cycle Funds) के लिए भी एक फ्रेमवर्क पेश किया है। ये उत्पाद एक प्री-सेट ग्लाइड पाथ (pre-set glide path) का पालन करके लंबी अवधि की योजना को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे निवेशक किसी विशेष टारगेट डेट (target date) के करीब आता है, फंड स्वचालित रूप से स्टॉक और सुरक्षित साधनों (safer instruments) के बीच अपने एसेट एलोकेशन (asset allocation) को बदलता है। इस ट्रांजीशन को ऑटोमेट करके, यह फ्रेमवर्क अनुशासित, लक्ष्य-उन्मुख निवेश (goal-oriented investing) को बढ़ावा देना चाहता है।

रेगुलेटर्स ने हाल ही में खुदरा निवेशकों (retail participants) को निवेश निर्णयों पर सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में आगाह किया है। निवेशकों को अल्पकालिक बाजार के शोर (short-term market noise) या ट्रेंडिंग सोशल मीडिया सामग्री पर प्रतिक्रिया करने के बजाय अपने व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता (risk appetite) और अपने विशिष्ट समय-सीमा (time horizons) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। निवेशकों के लिए, डिस्ट्रीब्यूटर्स का एकीकृत सर्टिफिकेशन एक सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करता है, यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सलाह देने वाले व्यक्ति या संस्थाओं ने एक मानकीकृत मूल्यांकन (standardized assessment) पास किया है। अगला चरण संयुक्त परीक्षा की आधिकारिक रोलआउट तारीख (rollout date) को ट्रैक करना होगा और यह तेजी से विकसित हो रहे SIF क्षेत्र में नए डिस्ट्रीब्यूटर्स के प्रवेश को कैसे प्रभावित करता है।

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