SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बड़ा लक्ष्य रखा है। साल 2036 तक भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या **6.6 करोड़** से बढ़कर **26 करोड़** तक पहुंचाने की तैयारी है। इस लक्ष्य को पाने के लिए रेगुलेटर अब इंश्योरेंस होल्डिंग्स को भी 'अकाउंट एग्रीगेटर' फ्रेमवर्क में जोड़ने जा रहा है।
फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 'संवाद इंडिया ओपन फाइनेंस समिट 2026' में भविष्य की बड़ी तस्वीर पेश की है। रेगुलेटर का अनुमान है कि अगले एक दशक में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट 14% से 15% रहने वाली है।
अब तक 'अकाउंट एग्रीगेटर' प्लेटफॉर्म के जरिए आप अपने बैंक डिपॉजिट, स्टॉक्स और NPS जैसे निवेश एक ही जगह देख पा रहे थे, लेकिन अब इसमें इंश्योरेंस पॉलिसीज को भी शामिल करने की योजना है। SEBI और IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। इससे निवेशकों को अपनी नेट वर्थ और फाइनेंशियल हेल्थ समझने में बड़ी आसानी होगी।
सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
सिर्फ विस्तार ही नहीं, SEBI की नजर निवेशकों की सुरक्षा पर भी है। डिजिटल दौर में साइबर खतरों को देखते हुए ब्रोकर और डिपॉजिटरी को अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, 'प्रोजेक्ट जागरूक' (Project Jagruk) के जरिए नए निवेशकों को मार्केट रिस्क और सही निवेश की शिक्षा दी जा रही है। अब निवेशकों को अलग-अलग जगह स्टेटमेंट ढूंढने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सारा फाइनेंशियल डेटा एक सुरक्षित डिजिटल छत के नीचे होगा।
