SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के नियमों में बदलाव, अब घटेगी मार्केट की वोलाटाइलटी

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AuthorMehul Desai|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के नियमों में बदलाव, अब घटेगी मार्केट की वोलाटाइलटी

बाजार नियामक SEBI ने डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब क्लोजिंग ऑक्शन के बजाय आखिरी **30 मिनट** की औसत कीमत (Average Price) का इस्तेमाल होगा। यह कदम एक्सपायरी के दिन होने वाले उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए उठाया गया है।

नियम में क्या बदलाव आया?

SEBI ने एक्सपायरी के दिनों में होने वाली भारी उथल-पुथल को थामने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। अब से डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स का सेटलमेंट क्लोजिंग ऑक्शन की जगह रेगुलर ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पर आधारित होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लिक्विडिटी में सुधार करना और ट्रेडिंग सेशन के आखिरी पलों में अचानक होने वाली बड़ी हलचल को रोकना है।

बाजार के लिए चुनौतियां और मौके

जहां एक तरफ रेगुलेटरी बदलाव हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्लोबल संकेत मिले-जुले हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट ने इक्विटी बाजार को कुछ राहत दी है, लेकिन कच्चा तेल ($106 प्रति बैरल) की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एनर्जी कॉस्ट का बढ़ना भारतीय कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।

कंपनियों का प्रदर्शन

इस तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं:

  • Tech Mahindra: कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर रहा और उन्होंने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए अपने मार्जिन गाइडेंस को बरकरार रखा है।
  • HDFC Life Insurance: HDFC Bank के जरिए बढ़ी पॉलिसी सेल्स के कारण प्रॉफिट में इजाफा देखा गया।
  • Jio Financial Services: लेंडिंग सेगमेंट में ग्रोथ की बदौलत ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ा है।
  • Wipro: नतीजों में चिंताजनक संकेत दिखे हैं। रेवेन्यू अनुमानों से थोड़ा ज्यादा रहने के बावजूद, कंपनी की नई डील बुकिंग 4 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जो आगे की ग्रोथ के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

FII की बिकवाली का दबाव

बाजार पर विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का साया बरकरार है। आंकड़ों के मुताबिक, एक ही दिन में इन्होंने नेट ₹5,285 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इस साल अब तक कुल आउटफ्लो $32 बिलियन से भी ज्यादा हो चुका है, जो मार्केट सेंटीमेंट पर लगातार दबाव बनाए हुए है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.