SEBI और UPI फीस: 15 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले बड़े बदलाव के संकेत, निवेशकों को मिलेगी राहत?

SEBIEXCHANGE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI और UPI फीस: 15 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले बड़े बदलाव के संकेत, निवेशकों को मिलेगी राहत?

SEBI चेयरमैन तुहीन कांत पांडे ने UPI पर लगने वाली **0.02%** की नई ट्रांजैक्शन फीस को लेकर ब्रोकरों की चिंताओं पर संज्ञान लिया है। रेगुलेटर अब विचार कर रहा है कि क्या शेयर बाजार के फंड ट्रांसफर को सामान्य मर्चेंट पेमेंट से अलग श्रेणी में रखा जाए, ताकि निवेशकों और ब्रोकरेज फर्मों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) पूंजी बाजार (Capital Market) में होने वाले फंड ट्रांसफर पर UPI फीस लागू करने के फैसले की समीक्षा कर रहा है। आगामी 15 अक्टूबर की डेडलाइन से UPI ट्रांजैक्शन पर 0.02% का शुल्क (अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन) लागू होना है, जिसे लेकर ब्रोकरेज हाउसों ने काफी चिंताएं जताई हैं। SEBI चेयरमैन तुहीन कांत पांडे ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संकेत दिए हैं कि वे इस मामले में नई वर्गीकरण नीति (Classification Policy) पर विचार कर सकते हैं।

असली विवाद क्या है?

मुख्य समस्या बैंक खाते और ब्रोकरेज अकाउंट के बीच फंड ट्रांसफर के तरीके को लेकर है। वर्तमान नियमों के तहत, ब्रोकरों को ग्राहकों के बिना इस्तेमाल किए गए फंड को समय-समय पर वापस करना होता है, जिससे पूंजी की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ब्रोकरों का तर्क है कि इसे रिटेल शॉपिंग की तरह 'मर्चेंट ट्रांजैक्शन' मानना गलत है, क्योंकि यह पैसा ग्राहक का अपना होता है और ब्रोकर के पास केवल अस्थायी रूप से रहता है।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

यदि इस फीस ढांचे में बदलाव नहीं किया गया, तो रिटेल निवेशकों के लिए ट्रेडिंग की लागत बढ़ सकती है। ब्रोकरेज पहले ही कम मार्जिन पर काम कर रहे हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त लागत सर्विस चार्ज के रूप में सीधे निवेशकों की जेब पर भारी पड़ सकती है। SEBI का ताजा रुख यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि निवेशकों को अपनी ही पूंजी को बाजार में ट्रांसफर करने के लिए बार-बार टैक्स या शुल्क न देना पड़े।

बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि रेगुलेटर इसे कैपिटल मार्केट के लिए 'एग्जेंप्शन' दे देता है, तो पूरी इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी। अब सबकी नजरें 15 अक्टूबर से पहले SEBI के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.