SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के पुराने नियम की वापसी, मार्केट लिक्विडिटी बढ़ाने की तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के पुराने नियम की वापसी, मार्केट लिक्विडिटी बढ़ाने की तैयारी

SEBI ने डेरिवेटिव्स सेटलमेंट के लिए **30-मिनट** VWAP मेथड को वापस लागू करने का ऐलान किया है, जो **7 दिसंबर** से प्रभावी होगा। अगस्त में लाए गए नए ऑक्शन सिस्टम के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई भारी गिरावट को देखते हुए रेगुलेटर ने यह कदम उठाया है।

मार्केट की बिगड़ी लिक्विडिटी पर SEBI का एक्शन

बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त में लागू हुए नए ऑक्शन मैकेनिज्म के चलते प्राइस डिस्कवरी में दिक्कतें आ रही थीं। इसका सीधा असर आंकड़ों पर पड़ा, जहां अगस्त से सितंबर के बीच क्लोजिंग ऑक्शन में ट्रेडिंग वॉल्यूम में 84% की बड़ी गिरावट आई और कुल ट्रेडेड वैल्यू 77% तक नीचे गिर गई। अब SEBI ने स्थिति को सुधारने के लिए पुराने 30-मिनट VWAP सिस्टम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है।

ब्रोकरेज कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?

हाल ही में सितंबर तिमाही के नतीजों में Angel One और Groww जैसी ब्रोकरेज कंपनियों के रिवेन्यू पर दबाव देखा गया था, जिसका एक बड़ा कारण मार्केट कंडीशंस थीं। बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि सेटलमेंट प्रोसेस नॉर्मलाइज होने से रिटेल और इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे ब्रोकरेज वॉल्यूम में रिकवरी के संकेत दिख सकते हैं।

आगे क्या होगा?

नियमों में बदलाव के साथ-साथ, क्लोजिंग ऑक्शन में 1-मिनट का ट्रांजिशन विंडो भी रखा गया है ताकि स्टेबिलिटी बनी रहे। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मार्केट की दिशा केवल नियमों से तय नहीं होगी, बल्कि ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव और मार्केट सेंटीमेंट जैसे बड़े फैक्टर भी अहम रहेंगे। दिसंबर में नए नियमों के लागू होने के बाद लिक्विडिटी का ट्रेंड ही तय करेगा कि बाजार ने इस बदलाव को किस तरह लिया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.