बाजार रेगुलेटर SEBI ने डेरिवेटिव्स के लिए 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' (CAS) को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। अब अक्टूबर **2026** के अंत तक पुरानी 'VWAP' विधि फिर से लागू होगी, जिससे ब्रोकरेज और एक्सचेंज शेयरों में तेजी देखी जा रही है।
नियम में बड़ा बदलाव
भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, SEBI ने डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए हाल ही में लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) को कम से कम 1 साल के लिए सस्पेंड करने का मन बना लिया है। इसके बजाय, अब सेटलमेंट के लिए पुरानी और भरोसेमंद 30-मिनट की VWAP (Volume-Weighted Average Price) पद्धति अपनाई जाएगी, जिसे अक्टूबर 2026 के अंत तक लागू किया जाना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह फैसला जनता और मार्केट एक्सपर्ट्स से मिले 20,000 से ज्यादा फीडबैक के बाद लिया गया है। ट्रेडर्स लगातार एक्सपायरी के दिन होने वाली भारी वोलैटिलिटी (Volatility) की शिकायत कर रहे थे। पिछले महीने, 29 सितंबर 2026 को Nifty में 2.2% की अचानक गिरावट ने इस बहस को और तेज कर दिया था कि क्या ऑक्शन-आधारित सिस्टम वास्तव में कारगर है।
मार्केट पर असर
अगस्त 2026 में जब से CAS पेश किया गया था, तब से F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट देखी जा रही थी। जानकारों का मानना है कि VWAP के लौटने से इंस्टीट्यूशनल और रिटेल दोनों तरह के ट्रेडर्स को अधिक स्टेबल माहौल मिलेगा।
इस खबर के बाद BSE (Bombay Stock Exchange), Motilal Oswal Financial Services, और Angel One जैसे दिग्गज शेयरों में बढ़त देखी गई। ब्रोकरेज सेक्टर और एक्सचेंजों के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि उनका रेवेन्यू सीधे ट्रेडिंग एक्टिविटी से जुड़ा होता है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि यह बदलाव वोलैटिलिटी को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा, लेकिन यह ट्रेडर्स के भरोसे को जरूर बहाल करेगा। अब सभी की निगाहें SEBI के ऑफिशियल सर्कुलर पर टिकी हैं।
