SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने साफ कर दिया है कि हाल ही में लागू हुआ क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) जारी रहेगा। रेगुलेटर का फिलहाल पूरा फोकस सिस्टम की मजबूती और विवाद समाधान के कानूनी ढांचे को अपडेट करने पर है।
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन पर मुहर
बाजार में चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए SEBI ने स्पष्ट किया है कि F&O शेयरों के लिए 3 अगस्त, 2026 को शुरू किया गया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन बना रहेगा। हालांकि मार्केट पार्टिसिपेंट्स की ओर से फीडबैक मिले थे, लेकिन रेगुलेटर का मानना है कि ट्रेडिंग के आखिरी मिनटों में बेहतर प्राइस डिस्कवरी के लिए यह बदलाव बेहद जरूरी है। निवेशकों और ट्रेडर्स को अब अपनी इंटरनल सिस्टम्स को इसके अनुरूप ढालना होगा।
कानूनी विवादों के समाधान में बड़ा बदलाव
सेटलमेंट सिस्टम में बदलाव के बजाय, SEBI अब कानूनी विवादों के निपटारे (Settlement of Proceedings) पर काम कर रहा है। 2018 के पुराने ढांचे को बदलकर अब 2026 के नए नियमों को लाने की तैयारी है। इसका मकसद कानूनी केसों को तेजी से सुलझाना और छोटी कंपनियों के लिए अप्रूवल प्रोसेस को आसान बनाना है। इन नए प्रस्तावों पर 4 सितंबर, 2026 तक पब्लिक कमेंट्स मांगे गए हैं।
टेक-रिस्क पर रेगुलेटर की नजर
बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम ट्रेडिंग के बीच, SEBI अब सिस्टम की सुरक्षा को लेकर सख्त हो गया है। तकनीकी खराबी या अनपेक्षित ट्रेडिंग व्यवहार को रोकने के लिए 'किल-स्विच' (Kill-Switch) जैसे तंत्र पर काम किया जा रहा है, ताकि मार्केट के किसी एक हिस्से की गड़बड़ी पूरे सिस्टम को प्रभावित न करे।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों को अब अपनी रणनीति बनाते समय क्लोजिंग ऑक्शन के समय मार्केट की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखनी होगी। इसके साथ ही, आने वाले हफ्तों में 'सेटलमेंट ऑफ प्रोसीडिंग्स' रेगुलेशन्स और AI सर्विलांस पर आने वाली गाइडलाइन्स बाजार के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी।
