SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स मार्केट में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए बदलेगा Closing Auction नियम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: डेरिवेटिव्स मार्केट में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए बदलेगा Closing Auction नियम

बाजार में एक्सपायरी के दिन बढ़ने वाली अफरा-तफरी को रोकने के लिए SEBI ने कमर कस ली है। रेगुलेटर अक्टूबर 2026 के अंत तक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए Closing Auction Session (CAS) में बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिसमें फिर से 30-मिनट का VWAP मेथड लागू किया जा सकता है।

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक्सपायरी डे के दौरान बढ़ने वाली मार्केट वोलैटिलिटी (Volatility) को काबू में करने के लिए नई रणनीति बनाई है। अगस्त 2026 में Closing Auction Session (CAS) लागू होने के बाद मिली लगभग 20,000 सुझावों और शिकायतों के बाद, रेगुलेटर अब इसमें सुधार करने जा रहा है। अब डेरिवेटिव्स के लिए फिर से 30-मिनट का वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) मेथड वापस लाया जा सकता है, जबकि कैश मार्केट के शेयरों के लिए ऑक्शन मैकेनिज्म पहले की तरह जारी रहेगा।

ट्रेडर्स के लिए राहत

कैश और इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए एक्सपायरी के आखिरी मिनटों में होने वाला 'प्राइस स्विंग' सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ था। VWAP पर वापस लौटने से प्राइस डिस्कवरी में स्थिरता आएगी, जिससे सेटलमेंट प्रोसेस सुगम हो जाएगा।

टेक और कंप्लायंस पर जोर

सिर्फ सेटलमेंट ही नहीं, SEBI अब तकनीक पर भी बड़ी नजर रखे हुए है। नवंबर 2026 तक रेगुलेटर टेंडर ऑफर और बायबैक को इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क में शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे ब्रोकर्स और इन्वेस्टर्स की ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी आएगी। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करने वाली फर्मों के लिए 'किल स्विच' (Kill Switch) और सख्त डेटा कंट्रोल अनिवार्य किए जा रहे हैं, ताकि एल्गोरिदम ट्रेडिंग के खतरों को रोका जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.