SEBI ने Omaxe पर **₹1.92 करोड़** का जुर्माना लगाया है और कंपनी के प्रमोटर्स पर **1 साल** का प्रतिबंध लगा दिया है। यह मामला 2013 में मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों में हेराफेरी से जुड़ा है, जहां कंपनी ने अपने ही फंड का इस्तेमाल कर पब्लिक हिस्सेदारी का आंकड़ा फर्जी तरीके से बढ़ाया था।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने रियल एस्टेट कंपनी Omaxe के खिलाफ 91 पेज का एक सख्त आदेश जारी किया है। यह मामला साल 2013 का है, जब कंपनी पर 25% की अनिवार्य पब्लिक शेयरहोल्डिंग लिमिट को पूरा न करने का आरोप लगा था। इस गड़बड़ी को छिपाने के लिए कंपनी ने फर्जी तरीके अपनाए थे।
क्या था पूरा मामला?
जांच में पाया गया कि Omaxe ने ₹46.50 करोड़ की राशि विभिन्न इंटरमीडियरी कंपनियों के जरिए अपने ही शेयर खरीदने में खर्च की। इसके लिए DVM Realtors, Garv Buildtech, और Jeet Builders जैसी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि शेयर स्वतंत्र पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं।
प्रमोटर्स पर सख्त कार्रवाई
SEBI के इस आदेश के तहत Omaxe पर 3 महीने के लिए सिक्योरिटी मार्केट में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं, कंपनी के प्रमोटर्स रोहतास गोयल (Rohtas Goel), जय भगवान गोयल (Jai Bhagwan Goel), और सुनील गोयल (Sunil Goel) के साथ-साथ Dream Home Developers और Guild Builders पर 1 साल का बैन लगा है। अब ये प्रमोटर्स न तो शेयर बाजार में कारोबार कर पाएंगे और न ही म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे।
यद्यपि Omaxe 2020 में स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट (Delist) हो चुकी है, लेकिन SEBI का यह आदेश साफ करता है कि पुराने नियमों के उल्लंघन को रेगुलेटर कभी भी पकड़ सकता है। यह केस प्रमोटर्स की जवाबदेही और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उन जोखिमों को दर्शाता है जहां जटिल संरचनाओं का उपयोग मार्केट मेट्रिक्स को प्रभावित करने के लिए किया जाता है।
