SEBI का कड़ा एक्शन: क्लोजिंग ऑक्शन में धांधली पर लगा भारी जुर्माना

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AuthorAditya Rao|Published at:
SEBI का कड़ा एक्शन: क्लोजिंग ऑक्शन में धांधली पर लगा भारी जुर्माना

F&O स्टॉक्स के लिए शुरू हुए नए 20-मिनट के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं। SEBI ने मार्केट मैनिपुलेशन के आरोप में दो कंपनियों से **₹3.68 करोड़** की राशि जब्त की है, जिसमें JPMorgan की एक यूनिट भी शामिल है।

रेगुलेटरी कार्रवाई और धांधली के आरोप

भारतीय शेयर बाजार में 3 अगस्त 2026 से लागू हुए नए 20-मिनट के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) ने विवादों को जन्म दिया है। SEBI ने 19 अगस्त 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी कर 'ऑर्डर-स्पूफिंग' (order-spoofing) के आरोप में दो बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई की है। इनमें Copthall Mauritius Investment (JPMorgan Chase & Co. की यूनिट) और Mansi Share and Stock Broking शामिल हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने बाजार बंद होने से पहले फर्जी ऑर्डर लगाकर डिमांड को प्रभावित किया और अनुचित लाभ कमाया। SEBI ने इन कंपनियों से करीब ₹3.68 करोड़ की अवैध कमाई जब्त कर ली है।

निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां

यह नया सिस्टम निवेशकों के लिए कुछ तकनीकी मुश्किलें भी लाया है। मुख्य समस्या कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच टाइमिंग का अंतर है। कैश मार्केट का ऑक्शन 3:35 PM पर खत्म हो जाता है, जबकि डेरिवेटिव्स का कारोबार 3:40 PM तक चलता है। 5 मिनट के इस गैप की वजह से ट्रेडर्स को अपनी हेजिंग (hedging) पोजीशन मैनेज करने में भारी दिक्कत हो रही है।

लिक्विडिटी का संकट

डेटा बताते हैं कि इन नए सेशन के दौरान टर्नओवर उम्मीद से कम है। लिक्विडिटी कम होने के कारण बड़े ऑर्डर्स को एग्जीक्यूट करना कठिन हो रहा है, जिससे कीमतों में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। संस्थागत निवेशक (institutional investors) भी इस वोलेटिलिटी से बचने के लिए ऑक्शन के दौरान सक्रिय होने से कतरा रहे हैं। इसका सीधा असर पोर्टफोलियो मैनेजर्स और रिटेल निवेशकों के डे-एंड वैल्यूएशन पर पड़ रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक रेगुलेटर इस मैकेनिज्म में सुधार नहीं करते, तब तक निवेशकों को संभलकर ट्रेड करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.