SEBI ने Growpital इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म को बंद करने का आदेश दिया है, इसे एक अनरजिस्टर्ड कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) करार दिया गया है। रेगुलेटर ने कंपनी और उसके प्रमोटरों को **5,000** से ज्यादा निवेशकों के **₹192.88 करोड़** **12%** ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया है।
नियम-कानूनों की अनदेखी
मार्केट रेगुलेटर SEBI की जांच में पाया गया कि Growpital ने एग्रीकल्चरल प्रोजेक्ट्स में टैक्स-फ्री रिटर्न का लालच देकर लोगों से पैसे जुटाए थे। कंपनी ने 5,208 निवेशकों से लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) स्ट्रक्चर के जरिए फंड जमा किया। भारतीय कानून के तहत, ऐसी कोई भी स्कीम जिसमें निवेशकों का ऑपरेशन्स पर नियंत्रण नहीं होता, उसे कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) माना जाता है और इसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल अनिवार्य है।
निवेशकों को कैसे मिलेगा पैसा?
SEBI के आदेश के मुताबिक, निवेशकों को 29 जनवरी 2024 से 12% सालाना ब्याज के साथ पैसा लौटाना होगा। रिफंड प्रोसेस के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा। अभी एस्क्रो अकाउंट में करीब ₹50 करोड़ उपलब्ध हैं, जिसे प्रो-राटा आधार पर निवेशकों में बांटा जाएगा।
प्रमोटरों पर भारी जुर्माना और बैन
अगर एस्क्रो फंड कम पड़ता है, तो कंपनी की एसेट्स, Yotta Agro Ventures और Farm Silo Tech की संपत्ति बेचकर पैसा वसूला जाएगा। इसके बाद भी कमी रहने पर प्रमोटरों—रितुराज शर्मा, कृष्णा जोशी और गायत्री रिनवा—की निजी संपत्ति से भरपाई की जाएगी।
इसके अलावा, मुख्य प्रमोटरों पर ₹2-2 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें 5 साल तक मार्केट में किसी भी तरह की एक्टिविटी से बैन कर दिया गया है। छोटे पार्टिसिपेंट्स पर ₹20 लाख से लेकर ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया गया है।
