SEBI ने एग्रीकल्चरल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Growpital को अपना काम बंद करने का आदेश दिया है। कंपनी पर बिना रजिस्ट्रेशन के स्कीम चलाने और निवेशकों को लुभावने 'assured' रिटर्न का झांसा देने का आरोप है।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक कड़े फैसले में एग्रीकल्चरल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Growpital का खेल खत्म कर दिया है। रेगुलेटर की जांच में सामने आया कि Farm Silo Tech LLP और उससे जुड़ी इकाइयां बिना किसी रजिस्ट्रेशन के 'कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम' (CIS) चला रही थीं। नियम के मुताबिक, निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल जरूरी है, जिसे कंपनी ने नजरअंदाज किया।
पैसा कैसे जुटाया गया?
जांच में पता चला कि अप्रैल 2020 से जनवरी 2024 के बीच कंपनी ने 5,208 निवेशकों से ₹192.88 करोड़ की मोटी रकम जुटाई थी। कंपनी का दावा था कि वे निवेशकों को 18.5% तक का 'टैक्स-फ्री' गारंटीड रिटर्न देंगे। अब SEBI ने आदेश दिया है कि निवेशकों का पैसा 12% सालाना ब्याज के साथ वापस किया जाए।
रेगुलेटर ने क्यों लिया एक्शन?
SEBI की जांच में कंपनी के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर मिला। Growpital का दावा था कि वे बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में जमीन पर उत्पादन के कोई ठोस सबूत नहीं मिले। इतना ही नहीं, निवेशकों का पैसा सीधे खेती में लगाने के बजाय उसे आपस में जुड़ी कई Limited Liability Partnerships (LLPs) के जरिए घुमाया जा रहा था। यह एक सोची-समझी मनी लॉन्ड्रिंग जैसी संरचना थी।
इस मामले में 28 इकाइयों पर कुल ₹25.10 करोड़ से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्य प्रमोटरों को सिक्योरिटी मार्केट से 5 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि 20 अन्य संबंधित संस्थाओं पर 3 साल का बैन लगाया गया है।
