SEBI का नया फरमान: विज्ञापनों के लिए आया Unified Code, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर लगी सख्त पाबंदियां

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SEBI का नया फरमान: विज्ञापनों के लिए आया Unified Code, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर लगी सख्त पाबंदियां

SEBI ने सभी मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए एक नया 'कॉमन एडवर्टाइजमेंट कोड' जारी किया है, जो **8 अक्टूबर, 2026** से लागू होगा। नए नियमों के तहत कंपनियां अब सेलिब्रिटी का इस्तेमाल केवल ब्रांड मार्केटिंग के लिए कर सकेंगी और इसका खर्च सीधे कंपनी को उठाना होगा।

क्या है नया नियम?

बाजार नियामक SEBI ने विज्ञापन के नियमों को एक समान बनाने के लिए 'कॉमन एडवर्टाइजमेंट कोड' (CAC) पेश किया है। यह नया फ्रेमवर्क स्टॉक ब्रोकर्स, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs), डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स जैसे सभी मार्केट इंटरमीडियरीज पर लागू होगा।

सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर लगा अंकुश

नए कोड के अनुसार, अब कंपनियां ब्रांड लेवल की मार्केटिंग के लिए तो सेलिब्रिटी का सहारा ले सकती हैं, लेकिन कोई भी सेलिब्रिटी किसी खास फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार नहीं कर पाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इन विज्ञापनों का पूरा खर्च कंपनी को अपनी जेब से देना होगा। इसे किसी भी हाल में निवेशकों या म्यूचुअल फंड स्कीमों के खर्चों में नहीं जोड़ा जा सकेगा, जिससे रिटेल निवेशकों पर बोझ नहीं पड़ेगा।

अनुपालन (Compliance) में राहत

SEBI ने कंपनियों के लिए काम को आसान बनाते हुए 'प्रायर अप्रूवल' की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब कंपनियों को विज्ञापन जारी करने के 3 वर्किंग डेज के भीतर इसकी जानकारी नियामक को देनी होगी। इसके साथ ही, डिजिटल विज्ञापनों में 'डार्क पैटर्न' (Dark Patterns) का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि निवेशकों को धोखे से किसी सर्विस के लिए साइन-अप न कराया जा सके।

परफॉर्मेंस दिखाने के नियम

यदि कोई कंपनी अपने विज्ञापनों में रेटिंग या रैंकिंग दिखाती है, तो उसे किसी वेरिफाइड 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' से प्रमाणित डेटा का ही उपयोग करना होगा। इसका उद्देश्य निवेशकों को भ्रामक दावों से बचाना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.