SEBI New Ad Code: ब्रोकर और म्यूचुअल फंड अब ले सकेंगे सेलिब्रिटी का सहारा, नियमों में बड़े बदलाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI New Ad Code: ब्रोकर और म्यूचुअल फंड अब ले सकेंगे सेलिब्रिटी का सहारा, नियमों में बड़े बदलाव

SEBI ने सात वित्तीय श्रेणियों के लिए नया 'कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड' जारी किया है। अब विज्ञापनों के लिए पूर्व-अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी, लेकिन कंपनियों को विज्ञापन जारी करने के **3 कार्य दिवसों** के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी। बड़ी बात यह है कि अब ब्रांड-लेवल कैंपेन के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति मिल गई है।

सेबी (SEBI) ने विज्ञापनों को लेकर एक नया 'कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड' (CAC) लागू किया है, जो स्टॉक ब्रोकर, म्यूचुअल फंड, पोर्टफोलियो मैनेजर, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट और अन्य वित्तीय मध्यस्थों पर लागू होगा। अब तक कंपनियों को विज्ञापन जारी करने से पहले नियामक से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे मार्केटिंग में देरी होती थी। नए नियमों के तहत, अब कंपनियों को पहले से अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं है, बल्कि विज्ञापन पब्लिश होने के 3 वर्किंग डेज के अंदर इसकी रिपोर्ट जमा करनी होगी। यह बदलाव इंडस्ट्री को सेल्फ-रेगुलेशन यानी खुद को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी देता है।

सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की छूट

सबसे बड़ा बदलाव ब्रांड-लेवल पर सेलिब्रिटी के इस्तेमाल को लेकर है। अब वित्तीय कंपनियां ब्रांडिंग के लिए मशहूर हस्तियों को साइन कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए कड़ी छानबीन की जाएगी ताकि निवेशक किसी भ्रामक विज्ञापन के बहकावे में न आएं।

परफॉर्मेंस डेटा का इस्तेमाल

कंपनियां अब अपनी विज्ञापनों में 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' के डेटा और रेटिंग्स का उपयोग कर सकेंगी। निवेशकों के लिए सलाह यह है कि विज्ञापन चाहे कितने भी आकर्षक क्यों न हों, उनमें दिए गए 'रिस्क डिस्क्लेमर' (Risk Disclaimer) को ध्यान से पढ़ें। नियामक भले ही अनुपालन को सरल बना रहा है, लेकिन अंततः निवेश का फैसला डेटा और जोखिम को समझकर ही लेना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.