देश के वित्तीय नियामक और स्टॉक एक्सचेंज अब मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। SEBI यहाँ **16,000 वर्ग मीटर** में अपनी नई फैसिलिटी बनाएगा, जबकि NSE अपनी ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए दो नए प्लॉट खरीदेगा।
BKC में बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में एक बड़ा संस्थागत बदलाव होने जा रहा है। 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' के दौरान SEBI, NSE और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस क्षेत्र में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की औपचारिक घोषणा की है।
इस पहल के तहत, SEBI 16,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक नई फैसिलिटी का निर्माण करेगा। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने MMRDA (मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण) से दो अतिरिक्त भूखंड लेने पर सहमति जताई है। इस समझौते को MMRDA कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी की उपस्थिति में अंतिम रूप दिया गया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BKC भारत की जीडीपी में लगभग 3% का योगदान देता है। इन प्रमुख संस्थानों को एक ही विशेष क्षेत्र में केंद्रित करके सरकार प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना चाहती है। NSE के लिए यह अधिग्रहण न केवल ऑपरेशंस को समेकित करने का एक तरीका है, बल्कि यह कैपिटल मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक गहराई देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब NSE ने हाल ही में कानूनी मोर्चे पर राहत पाई है। 3 सितंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े पुराने मामलों में SEBI की अपीलों को एक समझौते के बाद खारिज कर दिया है। इस राहत के साथ, एक्सचेंज अब पूरी तरह से नए विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
