SEBI ने सभी स्टॉक ब्रोकर्स के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्टर अवेयरनेस मैसेज दिखाना अनिवार्य कर दिया है। वेबसाइट्स पर यह नियम **5 अक्टूबर** से लागू होगा, जबकि ट्रेडिंग ऐप्स के लिए डेडलाइन **1 नवंबर, 2026** तय की गई है।
नियम का दायरा और समयसीमा
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अपने 'Project Jagrook' के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी स्टॉक ब्रोकर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्टर अवेयरनेस मैसेज प्रदर्शित करने का आदेश दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रिटेल निवेशकों के बीच फाइनेंशियल लिटरेसी को बढ़ावा देना और उन्हें रिस्क फैक्टर्स के प्रति जागरूक करना है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
रेगुलेटर ने ब्रोकर्स को तैयारी के लिए एक फेज़्ड टाइमलाइन दी है:
- 5 अक्टूबर, 2026 से: सभी ब्रोकरेज वेबसाइट्स पर इन अवेयरनेस मैसेज को दिखाना अनिवार्य होगा।
- 1 नवंबर, 2026 से: यह नियम मोबाइल ट्रेडिंग ऐप्स पर भी लागू हो जाएगा।
खास बात यह है कि मोबाइल ऐप्स के लिए SEBI ने निर्देश दिया है कि लैंडिंग पेज पर इन अवेयरनेस मैसेज और रिस्क डिस्क्लोजर को 'अल्टरनेट' (बारी-बारी से) तरीके से दिखाया जाए, ताकि यूजर्स को जरूरी जानकारी बिना किसी परेशानी के मिलती रहे।
हिंदी और इंग्लिश में मिलेगी जानकारी
SEBI की 'Samajh Se Investing Simple' मुहिम के तहत इन मैसेज को हिंदी और इंग्लिश (बायलिनगुअल) दोनों भाषाओं में दिखाना जरूरी होगा। यह कदम निवेशकों को प्लेटफॉर्म की ऑथेंटिसिटी जांचने और रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स को समझने में मदद करेगा। ब्रोकरेज फर्मों को अब अपने टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव करना होगा ताकि नवंबर की डेडलाइन तक वे इस नए कंप्लायंस को पूरा कर सकें।
