SEBI का बड़ा फैसला: अब Mutual Fund में 'Direct Plan' होगा डिफॉल्ट, निवेशकों की बचेगी मोटी कमाई

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AuthorAditya Rao|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: अब Mutual Fund में 'Direct Plan' होगा डिफॉल्ट, निवेशकों की बचेगी मोटी कमाई

1 नवंबर से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर SEBI ने 'Direct Plans' को डिफ़ॉल्ट विकल्प बनाना अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का मकसद निवेशकों को कमीशन के भारी खर्च से बचाना है।

अब निवेश होगा किफायती

SEBI के नए नियमों के तहत, 1 नवंबर, 2026 से म्यूचुअल फंड कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 'Direct Plan' को ही डिफ़ॉल्ट ऑप्शन के तौर पर दिखाना होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को होगा, क्योंकि रेगुलर प्लान के मुकाबले इनमें कमीशन का खर्च नहीं होता। अगर कोई निवेशक फिर भी रेगुलर प्लान चुनना चाहता है, तो प्लेटफॉर्म को उसे स्पष्ट तौर पर बताना होगा कि वह ज्यादा खर्च वाला विकल्प चुन रहा है।

विदेशी निवेशकों के लिए आसान राह

SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट किया है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का स्वागत करने के लिए रेगुलेटर कमर कस चुका है। अब ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया को इतना तेज किया जा रहा है कि यह काम सिर्फ 5 कारोबारी दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके लिए RBI के साथ मिलकर कागजी कार्रवाई को काफी सरल बनाया जा रहा है।

टेक्नोलॉजी से मार्केट पर नज़र

रेगुलेटर ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा बढ़ा दिया है। 'R(AI)DAR' नामक टूल, जिसका इस्तेमाल म्यूचुअल फंड विज्ञापनों को ऑडिट करने के लिए होता था, अब सभी इंटरमीडियरीज के प्रमोशनल मटेरियल पर नजर रखेगा। साथ ही, 'Sudarshan' नाम के टूल के जरिए गलत जानकारी और भ्रामक वित्तीय कंटेंट को इंटरनेट से हटाने का काम जारी है। ये तकनीक अब कॉर्पोरेट डेट कंप्लायंस और स्टॉक एक्सचेंज के डिस्क्लोजर्स पर भी नजर रखेगी, ताकि गड़बड़ी होने से पहले ही उसे पकड़ा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.