SEBI ने स्टॉक ब्रोकर Prrsaar Sampada और Chaubara Eats के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मार्केट रेगुलेटर ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के जरिए शेयर की कीमतों में हेरफेर करने के आरोप में **₹28.12 करोड़** की राशि फ्रीज कर दी है।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक अंतरिम आदेश जारी कर ₹28.12 करोड़ की राशि को फ्रीज और जब्त करने का निर्देश दिया है। जांच में सामने आया है कि कुछ एंटिटीज ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का उपयोग कर बेहद चतुराई से शेयरों की कीमतों को प्रभावित किया। यह मामला दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच की ट्रेडिंग गतिविधियों से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
SEBI के मुताबिक, Prrsaar Sampada और Chaubara Eats ने चार अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर एक साजिश रची। इसमें स्टॉक फ्यूचर्स में जानबूझकर नुकसान दिखाया गया, जबकि उसी स्टॉक के ऑप्शंस में बड़ा मुनाफा कमाया गया। इस 'क्रॉस-सेगमेंट प्राइस मैनिपुलेशन' के जरिए शेयरों की कीमतों को आर्टिफिशियली प्रभावित किया गया।
किन शेयरों पर नजर?
इस पूरे खेल में KFin Technologies, Swiggy, Prestige Estates, Bharat Dynamics, Godrej Properties, Waaree Energies, Jio Financial Services और Hindustan Zinc जैसे बड़े नाम शामिल रहे। हालांकि, SEBI ने स्पष्ट किया है कि इन कंपनियों की इस मामले में कोई भूमिका या जानकारी नहीं थी।
आगे क्या होगा?
जांच के दायरे में आए 6 पक्षों—Prrsaar Sampada, Chaubara Eats, वेद प्रकाश गुप्ता, प्रीति गुप्ता, सरोज गुप्ता और गौरव तोमर—पर डेरिवेटिव्स बाजार में ट्रेडिंग करने पर रोक लगा दी गई है। इन्हें 15 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का खुलासा करने का आदेश दिया गया है। फिलहाल, ये लोग कैश इक्विटी मार्केट में ट्रेडिंग जारी रख सकते हैं, लेकिन उनके डीमैट अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया गया है।
