SEBI का बड़ा फैसला: क्या अब Stock Exchanges खुद को कर पाएंगे लिस्ट? BSE के शेयरों में दिखी सुस्ती

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: क्या अब Stock Exchanges खुद को कर पाएंगे लिस्ट? BSE के शेयरों में दिखी सुस्ती

SEBI ने स्टॉक एक्सचेंजों की 'सेल्फ-लिस्टिंग' (Self-Listing) की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक कमेटी गठित की है। इस खबर के बाद BSE के शेयरों में **2%** की गिरावट देखी गई है, क्योंकि निवेशक अब बदलते नियमों के असर का आकलन कर रहे हैं।

नियम बदलने की तैयारी

मार्केट रेगुलेटर SEBI अब मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी में बदलाव के मूड में है। वर्तमान में नियम यह है कि एक्सचेंजों को एक-दूसरे के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होना पड़ता है, जैसे BSE लिमिटेड, NSE पर लिस्ट है। लेकिन अब SEBI एक ऐसी कमेटी बना रहा है जो इस बात पर गौर करेगी कि क्या एक्सचेंज अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। यह कदम भारत को ग्लोबल मानकों के अनुरूप लाने की कोशिश है, जैसा कि न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के साथ होता है।

गवर्नेंस और हितों का टकराव (Conflict of Interest)

साल 2015 में SEBI ने इस विचार को खारिज कर दिया था। उस समय मुख्य चिंता यह थी कि अगर कोई एक्सचेंज खुद का ही रेगुलेटर है और खुद ही लिस्टेड कंपनी भी है, तो पारदर्शिता और गवर्नेंस पर सवाल उठ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि नई कमेटी इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या सुरक्षा उपाय (Safeguards) सुझाती है।

बाजार पर असर

खबर आते ही BSE लिमिटेड का शेयर 2% गिरकर ₹3,124.7 के स्तर पर ट्रेड करने लगा। जानकारों का मानना है कि अगर यह नियम लागू होता है, तो कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। फिलहाल NSE का मार्केट में दबदबा है, जिसके पास कैश-मार्केट सेगमेंट का 93% और ऑप्शंस ट्रेडिंग का 75% हिस्सा है। PL Capital के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इससे फाइनेंशियल ईयर 2027 में BSE की कमाई पर थोड़ा दबाव पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर इस कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.