SEBI का कड़ा एक्शन: Taurian MPS और Gretex पर लगा **₹18 लाख** का जुर्माना, IPO में छिपाई थी ये बड़ी बात

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI का कड़ा एक्शन: Taurian MPS और Gretex पर लगा **₹18 लाख** का जुर्माना, IPO में छिपाई थी ये बड़ी बात

SEBI ने Taurian MPS और उसके मर्चेंट बैंकर Gretex Corporate Services पर **₹18 लाख** का भारी जुर्माना लगाया है। IPO फाइलिंग के दौरान प्रमोटर से जुड़ी एक कंपनी की लिक्विडेशन स्थिति का खुलासा न करना इन कंपनियों को महंगा पड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने IPO प्रक्रिया के दौरान जरूरी जानकारियों को छिपाने के लिए Taurian MPS और उसके मर्चेंट बैंकर Gretex Corporate Services पर शिकंजा कसा है। नियमों के उल्लंघन के चलते कुल ₹18 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

क्यों हुई कार्रवाई?

SEBI की जांच में सामने आया कि कंपनी ने IPO दस्तावेजों में Taurian Engineering Pvt Ltd (TEPL) का जिक्र नहीं किया था। नियम के मुताबिक, अगर प्रमोटर या ग्रुप की किसी कंपनी में 20% से ज्यादा हिस्सेदारी है, तो उसे डिस्क्लोज करना अनिवार्य है। Taurian MPS की डायरेक्टर पूजा सुमित बाजलिया की 80% हिस्सेदारी इस फर्म में थी, जो कि लिक्विडेशन (समापन) प्रक्रिया से गुजर रही थी।

जुर्माने का बंटवारा:

  • Taurian MPS: ₹5 लाख का जुर्माना।
  • यशोवर्धन सुमित बाजलिया और पूजा सुमित बाजलिया: संयुक्त रूप से ₹5 लाख का जुर्माना।
  • Gretex Corporate Services: मर्चेंट बैंकर के तौर पर उचित 'ड्यू डिलिजेंस' (Due Diligence) न करने के लिए ₹8 लाख का जुर्माना।

बचाव और SEBI का जवाब:

कंपनी ने तर्क दिया कि TEPL का मैनेजमेंट लिक्विडेटर के पास था और निवेश को राइट-ऑफ कर दिया गया था। साथ ही, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा दस्तावेजों के रिव्यू का हवाला भी दिया गया। हालांकि, SEBI ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में निवेशकों को पारदर्शी जानकारी देना कंपनी और बैंकर की जिम्मेदारी है। इन सभी पक्षों को 45 दिन के भीतर जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.