भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ब्राइटकोम ग्रुप लिमिटेड के पूर्व स्वतंत्र निदेशकों अल्लम रघुनाथ और सुब्रतो साहा पर वित्तीय रिपोर्टिंग की निगरानी में उचित परिश्रम न करने के लिए क्रमशः ₹30 लाख और ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। नियामक ने पाया कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2014-15 और 2019-20 के बीच गलत वित्तीय विवरणों को मंजूरी दी, जिससे SEBI के LODR विनियमों का उल्लंघन हुआ। जांच में पता चला कि ब्राइटकोम ने अपनी वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से पेश करके ₹1,280.06 करोड़ के लाभ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था। इसमें EU के GDPR (₹868.3 करोड़) और एक सहायक कंपनी के असफल Lycos अधिग्रहण (₹411.76 करोड़) से संबंधित हानि को गलत तरीके से हिसाब में लेना, और ₹504.49 करोड़ के अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्चों को गलत तरीके से पूंजीकृत करना शामिल था, जिससे लाभप्रदता को अधिक दिखाया गया। SEBI ने कहा कि इन कार्यों ने निवेशकों को गुमराह किया और प्रमोटरों को बढ़ी हुई कीमतों पर शेयर बेचने में सक्षम बनाया, जिससे बाजार की अखंडता को नुकसान पहुंचा। ब्राइटकोम ग्रुप का स्टॉक अपने उच्चतम स्तर से 88% से अधिक गिर गया है।
प्रभाव: यह जुर्माना कॉर्पोरेट प्रशासन और निदेशक जवाबदेही के प्रति SEBI की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इसका उद्देश्य अपर्याप्त निगरानी के परिणामों को उजागर करके निवेशक विश्वास को मजबूत करना है, जो संभवतः अन्य सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा अपने वित्तीय खुलासों के प्रबंधन के तरीके को प्रभावित कर सकता है। रेटिंग: 6/10।