रेगुलेटरी रास्ता हुआ साफ
यह प्रस्ताव इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के अनुरोध पर आया है, जो GIFT City जैसे वित्तीय केंद्रों को रेगुलेट करती है। IFSCA चाहती थी कि SEBI ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स को उन प्रोडक्ट्स को ऑफर करने की अनुमति दे, जिन्हें IFSCA रेगुलेट करती है, ताकि GIFT City में स्टॉक ब्रोकर्स के लिए बने नियमों के बराबर लाया जा सके।
फिलहाल, SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर्स GIFT City में काम कर सकते हैं अगर वे IFSCA से रजिस्टर हों। लेकिन, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स को IFSCA-रेगुलेटेड प्रोडक्ट्स देने की इजाजत नहीं है। यह नया प्रस्ताव इसी गैप को भरेगा।
निवेशकों के लिए खुले नए दरवाजे
इस बदलाव से भारतीय निवेशकों के लिए विदेशी बाजारों में लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज (Overseas-listed Debt Securities) में निवेश के रास्ते खुलेंगे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ये आसान होगा। साथ ही, सरकारी कंपनियों के टैक्स-सेविंग बॉन्ड्स (Tax-Saving Bonds) भी इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हो सकते हैं।
GIFT City की हब स्थिति को मजबूत करेगा
यह पहल गुजरात के GIFT City को ग्लोबल फाइनेंस हब के तौर पर मजबूत करेगी। घरेलू प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाकर और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के साथ तालमेल बिठाकर, SEBI और IFSCA का लक्ष्य इस स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में और ज्यादा फाइनेंशियल एक्टिविटी और इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करना है। SEBI ने इस प्रस्ताव पर 26 मई, 2026 तक जनता से राय मांगी है।
