SEBI का बड़ा फैसला: डिजिटल एक्सेसिबिलिटी अनुपालन की डेडलाइन 31 जनवरी 2027 तक बढ़ी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: डिजिटल एक्सेसिबिलिटी अनुपालन की डेडलाइन 31 जनवरी 2027 तक बढ़ी

SEBI ने सभी ब्रोकर्स और स्टॉक एक्सचेंजों को राहत देते हुए डिजिटल एक्सेसिबिलिटी कंप्लायंस की समय-सीमा बढ़ाकर **31 जनवरी 2027** कर दी है। अब मार्केट इंटरमीडियरीज को सर्टिफाइड ऑडिटर्स की नियुक्ति और प्लेटफॉर्म अपडेट के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रियायत क्यों दी गई?

बाजार नियामक SEBI ने 30 अक्टूबर 2026 को जारी अपने सर्कुलर में डिजिटल एक्सेसिबिलिटी नियमों के अनुपालन की तारीख आगे बढ़ा दी है। यह फैसला उन मार्केट पार्टिसिपेंट्स की शिकायतों के बाद लिया गया, जिन्होंने पहले की डेडलाइन को पूरा करने में व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करने की बात कही थी।

क्या हैं मुख्य नियम?

यह विस्तार मुख्य रूप से तीन अनिवार्य प्रक्रियाओं के लिए है:

  1. IAAP (International Association of Accessibility Professionals) से प्रमाणित ऑडिटर की नियुक्ति।
  2. वेबसाइट और मोबाइल ट्रेडिंग एप्लिकेशन का पूर्ण एक्सेसिबिलिटी ऑडिट।
  3. ऑडिट में सामने आई कमियों को सुधारने (Remediation) की प्रक्रिया।

क्या अब भी सतर्क रहने की जरूरत है?

भले ही समय सीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के तहत जारी किए गए ये नियम अब भी पूरी तरह प्रभावी हैं। इसे काम टालने का मौका न समझें, बल्कि यह उन तकनीकी सुधारों को पूरा करने का अतिरिक्त समय है।

नियामक ने स्पष्ट किया है कि डेडलाइन निकलने के बाद ऑडिटर्स की नियुक्ति में देरी या सुधारों को न लागू करने पर कड़ी रेगुलेटरी कार्रवाई हो सकती है। सभी फाइनेंशियल इंटरमीडियरीज को अब सलाह दी जाती है कि वे 31 जनवरी 2027 से पहले अपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट तैयार रखें ताकि भविष्य में किसी भी पेनल्टी या सख्ती से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.