SEBI का बड़ा फैसला: Angel Funds के लिए कम्प्लायंस डेडलाइन बढ़ी, अब 31 मार्च 2027 तक का समय

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: Angel Funds के लिए कम्प्लायंस डेडलाइन बढ़ी, अब 31 मार्च 2027 तक का समय

SEBI ने Angel Funds के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। Accredited Investor नियमों को पूरा करने की डेडलाइन अब 8 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है, जिससे फंड मैनेजर्स को अपनी रणनीति बदलने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

रेगुलेटरी राहत से फंड मैनेजर्स को मिली बड़ी राहत

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने Alternative Investment Fund (AIF) इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए कम्प्लायंस डेडलाइन में 7 महीने का विस्तार किया है। पहले जो डेडलाइन 8 सितंबर 2026 थी, उसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यह बदलाव उन मौजूदा फंड्स के लिए बहुत जरूरी था, जिन्हें नए नियमों के साथ तालमेल बिठाने के लिए और वक्त की जरूरत थी।

Accredited Investor नियम क्या है?

यह नियम खासतौर पर स्टार्टअप जैसे हाई-रिस्क इन्वेस्टमेंट में छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि Angel Funds में पैसा लगाने वाले निवेशक आर्थिक रूप से सक्षम हों और रिस्क लेने की क्षमता रखते हों।

10 सितंबर 2025 या उससे पहले SEBI के साथ रजिस्टर्ड Angel Funds अब 31 मार्च 2027 तक 200 तक नॉन-एक्रिटेड निवेशकों से फंड जुटाना जारी रख सकते हैं। इससे फंड्स की वर्किंग में अचानक आने वाला व्यवधान टल गया है।

भविष्य की चुनौतियां और समय सीमा

हालांकि यह डेडलाइन बढ़ा दी गई है, लेकिन इसके बाद रेगुलेटरी छूट खत्म हो जाएगी। 31 मार्च 2027 के बाद, Angel Funds उन निवेशकों से नया पैसा नहीं ले पाएंगे जो 'एक्रिटेड' (Accredited) कैटेगरी में नहीं आते।

मौजूदा निवेश पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन फंड मैनेजर्स को अब अपनी अगली रणनीति बनानी होगी। उन्हें इस बढ़े हुए समय का उपयोग अपने इन्वेस्टर बेस को बदलने या कैपिटल-रेजिंग मॉडल को नए नियमों के अनुरूप ढालने में करना होगा। निवेशकों को सलाह है कि वे अपने फंड मैनेजर से अपडेट्स पर नज़र रखें और नियमों में बदलाव को समझें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.