SEBI: अब बाजार में 'Closing Auction Session' की तैयारी, 3 अक्टूबर तक मांगे सुझाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SEBI: अब बाजार में 'Closing Auction Session' की तैयारी, 3 अक्टूबर तक मांगे सुझाव

बाजार रेगुलेटर SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मुख्य मकसद प्राइस डिस्कवरी को बेहतर बनाना और पैसिव इन्वेस्टमेंट फंड्स को इंडेक्स के साथ सटीक तरीके से ट्रैक करने में मदद करना है। इस पर पब्लिक कंसल्टेशन 3 अक्टूबर 2026 तक खुला है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) भारतीय शेयर बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के अनुसार, रेगुलेटर बदलती ट्रेडिंग डायनामिक्स के साथ तालमेल बिठाने के लिए मार्केट नियमों को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य दिन के अंत में होने वाले ट्रांजैक्शन के लिए एक अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी माहौल तैयार करना है।

निवेशकों को क्या होगा फायदा?

खासकर उन निवेशकों के लिए जो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और इंडेक्स फंड्स में निवेश करते हैं, यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है। अभी होता यह है कि मार्केट बंद होने के आखिरी पलों में कुछ बड़े सौदों के कारण स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस में उतार-चढ़ाव आ जाता है। इससे 'ट्रैकिंग एरर' बढ़ जाता है, यानी इंडेक्स का रिटर्न और फंड का रिटर्न अलग-अलग हो जाता है। क्लोजिंग ऑक्शन में दिन के अंत में सभी खरीद और बिक्री के ऑर्डर को एक साथ पूल किया जाएगा, जिससे एक सटीक और आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय हो सकेगा।

अब तक मिले 3,500 से ज्यादा सुझाव

रेगुलेटर ने इस मैकेनिज्म पर इंडस्ट्री के लोगों से राय मांगी है। अब तक इसे लेकर 3,500 से ज्यादा सुझाव मिल चुके हैं, जो ब्रोकर्स और फंड मैनेजर्स की इसमें गहरी दिलचस्पी को दिखाता है। SEBI ने इन सुझावों को जमा करने की अंतिम तारीख 3 अक्टूबर 2026 तय की है।

सर्विलांस और सुरक्षा

SEBI का कहना है कि उनकी अपग्रेडेड सर्विलांस सिस्टम्स इस ऑक्शन प्रोसेस की जटिलताओं को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यह नया सेशन मार्केट में किसी तरह की हेरफेर या अचानक आई अस्थिरता का जरिया न बने। कंसल्टेशन पूरा होने के बाद, SEBI फीडबैक की समीक्षा करेगा और फिर अंतिम गाइडलाइन्स जारी करेगा। फिलहाल यह देखना होगा कि यह ऑक्शन प्रोसेस सभी लिस्टेड स्टॉक्स पर लागू होगा या केवल चुनिंदा इंडेक्स तक सीमित रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.