SEBI का बड़ा फैसला: Derivative वॉल्यूम बढ़ाने के लिए VWAP नियमों में बदलाव की तैयारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI का बड़ा फैसला: Derivative वॉल्यूम बढ़ाने के लिए VWAP नियमों में बदलाव की तैयारी

SEBI अगस्त 2026 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई भारी गिरावट के बाद अपने Closing Auction Session (CAS) ढांचे की समीक्षा करने जा रहा है। मार्केट में सुधार के लिए रेग्युलेटर जल्द ही एक कंसल्टेशन पेपर ला सकता है, जिस पर BSE जैसे बड़े एक्सचेंजों की नजर है।

अगस्त 3, 2026 को लागू किए गए Closing Auction Session (CAS) के बाद से मार्केट में ट्रेडिंग एक्टिविटी में कमी देखी गई थी। ट्रेडर्स को कैश मार्केट और डेरिवेटिव्स के बीच समय के अंतर के कारण हेजिंग (Hedging) में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए अब SEBI ने इस ढांचे में बदलाव करने का मन बनाया है।

क्या बदलाव हो सकते हैं?

रेग्युलेटर जल्द ही एक कंसल्टेशन पेपर जारी करेगा, जिसमें VWAP (वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस) सेटलमेंट मॉडल की वापसी और मार्केट की स्थिरता के लिए सख्त 'प्राइस बैंड्स' जैसे सुधार शामिल हो सकते हैं।

BSE पर असर और निवेशकों का मूड

नया सिस्टम आने के बाद से बाजार में अनिश्चितता का माहौल था। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त 2026 में BSE पर ऑप्शंस प्रीमियम का एवरेज डेली ट्रेडेड वैल्यू (ADTV) लगभग 26% तक गिर गया था। हालांकि, अब इस समीक्षा की खबर से निवेशकों में उत्साह है, जिसके चलते BSE के शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियम सरल होते हैं, तो लिक्विडिटी में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, लंबी अवधि में एक्सचेंज की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करेगी कि ये बदलाव कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी ढंग से लागू किए जाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.