SEBI ने Capital Stroke Investment Services के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है और कंपनी पर **5** साल का प्रतिबंध लगा दिया है।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 15 अक्टूबर, 2026 को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए Capital Stroke Investment Services की मान्यता खत्म कर दी है। साल 2019 और 2020 के दौरान कंपनी के कामकाज की जांच में कई गंभीर खामियां और धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे।
नियमों की अनदेखी और धांधली
जांच में पाया गया कि कंपनी के पास काम करने वाले लगभग 35 कर्मचारियों में से केवल 7 के पास ही जरूरी NISM सर्टिफिकेशन था। इसके अलावा, कंपनी अपने क्लाइंट्स को मुनाफे की गारंटी दे रही थी, जो कि SEBI के नियमों का सीधा उल्लंघन है। मार्केट में किसी भी तरह की गारंटी देना गैर-कानूनी है क्योंकि शेयर बाजार निवेश जोखिमों के अधीन होता है।
फ्रॉड की परतें
रेगुलेटर की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- फर्जी दस्तावेज: कंपनी ने निरीक्षण के दौरान फर्जी कागजात जमा किए थे।
- धोखाधड़ी: क्लाइंट्स से सर्विस के नाम पर डबल चार्जिंग की गई।
- अवैध कनेक्शन: इस फर्म का संबंध 'Green Wealth' नाम की एक अनरजिस्टर्ड संस्था से भी पाया गया।
- बिना प्रोफाइलिंग: कंपनी ने क्लाइंट्स की रिस्क प्रोफाइलिंग किए बिना ही सलाह देना शुरू कर दिया था, जो कि एक रजिस्टर्ड एडवाइजर के लिए अनिवार्य है।
SEBI ने साफ कर दिया है कि यह कदम निवेशकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी एडवाइजर पर भरोसा करने से पहले SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी रजिस्ट्रेशन स्थिति जरूर चेक करें।
