भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 15 इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स (Investment Advisers) के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि वे जरूरी रिन्यूअल फीस (Renewal Fees) का भुगतान करने में नाकाम रहे।
क्यों रद्द हुए लाइसेंस?
SEBI के इस फैसले के पीछे इन 15 एडवाइजर्स द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपनी फीस न भरना है। SEBI इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स रेगुलेशन, 2013 के तहत, रजिस्टर्ड एडवाइजर्स को अपना लाइसेंस एक्टिव रखने के लिए हर पांच साल में एक रिन्यूअल फीस भरनी होती है। इन संस्थाओं ने इस नियम का पालन नहीं किया। SEBI ने जून में इन पर शो-कॉज नोटिस भी जारी किए थे, लेकिन जवाब नहीं मिला।
किनके लाइसेंस हुए रद्द?
रद्द हुए कुछ प्रमुख नामों में Capvision Investment Advisor, Wise Finserv, Money India Research, Exfinity Venture Partners LLP और व्यक्तिगत एडवाइजर्स जैसे Hardik Mahendrakumar Shukla, Sharanjit Singh, और Tanya Gupta शामिल हैं।
क्या इससे निवेशकों पर असर होगा?
SEBI ने साफ किया है कि लाइसेंस रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि ये एडवाइजर्स अपनी पिछली जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं। वे अभी भी अपने पुराने कामों, जैसे निवेशक शिकायतों का निपटारा, रिकॉर्ड रखना और ग्राहकों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार होंगे।
यह घटना निवेशकों के लिए एक चेतावनी है कि वे हमेशा अपने एडवाइजर की क्रेडेंशियल्स (Credentials) को वेरिफाई (Verify) करें। SEBI की वेबसाइट पर अपने एडवाइजर का स्टेटस जरूर जांचें। अगर किसी एडवाइजर का लाइसेंस रद्द हो जाता है, तो वे SEBI के नियमों के तहत सलाह देने के लिए अधिकृत नहीं रह जाते।
