बाजार नियामक SEBI ने Religare Capital Markets समेत 12 रिसर्च एनालिस्ट एंटिटीज का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इन फर्मों पर अनिवार्य रिन्यूअल फीस न भरने का आरोप है, जिसके बाद अब ये अधिकृत रिसर्च रिपोर्ट जारी नहीं कर सकेंगी।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक कड़ा कदम उठाते हुए 12 रिसर्च एनालिस्ट एंटिटीज के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई 2014 के SEBI (रिसर्च एनालिस्ट) रेगुलेशंस के तहत की गई है, जिसके अनुसार सभी रजिस्टर्ड एनालिस्ट को हर 5 साल में अपना सर्टिफिकेट रिन्यू कराना अनिवार्य होता है।
कौन सी फर्में हुई प्रभावित?
इस लिस्ट में Religare Capital Markets, Indeed Research, WSA Equity and Financial Research, IndiaNivesh Securities और Espirito Santo Securities India जैसी बड़ी फर्में शामिल हैं। इसके अलावा सुनील कुमार धावला और रवि किरण कुलकर्णी जैसे व्यक्तिगत एनालिस्ट भी इस दायरे में आए हैं। रेगुलेटर के अनुसार, यह रिन्यूअल फीस मई 2024 से नवंबर 2025 के बीच बकाया थी। इसके लिए SEBI ने फरवरी 2025, मई 2026 और अगस्त 2026 में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, लेकिन फर्मों ने न तो बकाया चुकाया और न ही इसका कोई ठोस जवाब दिया।
रेगुलेटरी मानकों पर असर
SEBI का कहना है कि यह कदम निवेशकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। अब ये फर्में वैध रजिस्ट्रेशन के बिना रिसर्च रिपोर्ट जारी नहीं कर सकतीं। रेगुलेटर ने साफ किया है कि यह प्रशासनिक कार्रवाई है, लेकिन यह वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में रेगुलेटरी लापरवाही के खिलाफ एक सख्त रुख को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि यदि उन्होंने इन फर्मों की हालिया रिसर्च रिपोर्ट का उपयोग किया है, तो वे सावधानी बरतें। हालांकि लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये फर्में अपनी पिछली गलतियों या सलाह के लिए जवाबदेह नहीं हैं। SEBI ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन के दौरान दी गई किसी भी सलाह के लिए ये संस्थाएं कानूनी रूप से पूरी तरह जिम्मेदार बनी रहेंगी। निवेश से पहले किसी भी एनालिस्ट फर्म का स्टेटस SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर चेक करें।
