Trafiksol ITS: IPO में धोखाधड़ी पर SEBI का कड़ा एक्शन, प्रमोटर्स पर लगा 1 साल का बैन

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AuthorNeha Patil|Published at:
Trafiksol ITS: IPO में धोखाधड़ी पर SEBI का कड़ा एक्शन, प्रमोटर्स पर लगा 1 साल का बैन

SEBI ने Trafiksol ITS Technologies और उसके प्रमोटर्स, जितेंद्र नारायण दास और पूनम दास पर 1 साल का बाजार प्रतिबंध लगा दिया है। SME IPO के दौरान गलत जानकारियां देने और फर्जी दस्तावेज पेश करने के कारण कंपनी पर **₹1.05 करोड़** का जुर्माना भी लगाया गया है।

IPO में फर्जीवाड़े का खुलासा

बाजार नियामक SEBI ने अपने फाइनल ऑर्डर में Trafiksol ITS Technologies के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने ₹44.87 करोड़ जुटाने के लिए SME IPO पेश किया था, लेकिन जांच में बड़े स्तर पर धांधली सामने आई। SEBI की जांच में पता चला कि कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था।

शेल कंपनी का खेल

रेगुलेटर ने पाया कि कंपनी ने ₹17.70 करोड़ का फंड सॉफ्टवेयर खरीद के लिए 'Oasis Corpcare' नामक कंपनी को देने की बात कही थी। जांच में यह सामने आया कि Oasis Corpcare सिर्फ एक 'शेल कंपनी' है और जिस उद्देश्य के लिए पैसा मांगा गया था, उसके दस्तावेज पूरी तरह जाली थे।

निवेशकों को राहत

निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए SEBI ने इस पूरे IPO को रद्द करने का आदेश दिया है। कंपनी को उन सभी सब्सक्राइबर्स का पैसा वापस करना होगा जिन्होंने इस इश्यू में निवेश किया था। नियामक का यह कदम SME सेगमेंट में बढ़ती अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए एक कड़ा संदेश है। अब कंपनी के प्रमोटर्स पर बैन लगने के बाद उनके भविष्य के कामकाज पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.