SEBI का बड़ा एक्शन: JPMorgan की यूनिट Copthall Mauritius और Mansi Share पर मार्केट से बैन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SEBI का बड़ा एक्शन: JPMorgan की यूनिट Copthall Mauritius और Mansi Share पर मार्केट से बैन

बाजार नियामक SEBI ने JPMorgan की यूनिट Copthall Mauritius Investment Ltd और Mansi Share and Stock Broking Ltd पर बड़ी कार्रवाई की है। दोनों कंपनियों को मार्केट एक्सेस से प्रतिबंधित कर दिया गया है, उन पर Sensex के क्लोजिंग प्राइस में हेरफेर का आरोप है। SEBI ने कथित तौर पर **₹3.68 करोड़** की अवैध कमाई भी जब्त की है।

क्या है पूरा मामला?

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने JPMorgan Chase & Co. की यूनिट Copthall Mauritius Investment Ltd और Mansi Share and Stock Broking Ltd के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया है। नियामक का आरोप है कि दोनों संस्थाओं ने 13 अगस्त, 2026 को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान बाजार में हेरफेर किया। खास बात यह है कि यह दिन साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी का दिन भी था।

कैसे किया गया हेरफेर?

SEBI की जांच मुख्य रूप से क्लोजिंग ऑक्शन विंडो के दौरान किए गए ट्रेड्स पर केंद्रित है। नियामक का दावा है कि इन संस्थाओं ने BSE Sensex के इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस (Indicative Equilibrium Price) को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए बड़ी, आक्रामक और रणनीतिक रूप से समयबद्ध ऑर्डर्स दिए, जिनमें से कई को बाद में रद्द कर दिया गया। नियामक के आदेश के अनुसार, यह गतिविधि कथित तौर पर फर्मों की डेरिवेटिव्स मार्केट में अपनी पोजीशन का फायदा उठाने के लिए की गई थी।

रेगुलेटर का एक्शन

इन निष्कर्षों के जवाब में, SEBI ने लगभग ₹3.68 करोड़ जब्त किए हैं, जिसे नियामक अवैध लाभ बता रहा है। इसके अलावा, दोनों कंपनियों को फिलहाल सिक्योरिटीज मार्केट तक पहुंचने से रोक दिया गया है और आगे के आदेशों तक वे क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में भाग नहीं ले पाएंगी। यह नियामक कार्रवाई महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से संबंधित है, जो भारतीय एक्सचेंजों द्वारा 3 अगस्त, 2026 को क्लोजिंग प्राइस की सटीकता और पारदर्शिता में सुधार के लिए शुरू की गई एक नई व्यवस्था है।

JPMorgan के लिए क्या मायने?

Copthall Mauritius मुख्य रूप से वैश्विक ग्राहकों के लिए एक इन्वेस्टमेंट कंड्यूट (Investment Conduit) के रूप में काम करती है और यह JPMorgan India Pvt. Ltd. से अलग है, जो फर्म की स्थानीय स्टॉकब्रोकिंग और मर्चेंट बैंकिंग सेवाओं का प्रबंधन करती है। वर्तमान नियामक प्रतिबंध विशेष रूप से मॉरीशस-आधारित यूनिट को लक्षित करते हैं और JPMorgan की स्थानीय भारतीय संस्थाओं के व्यापक संचालन को प्रभावित नहीं करते हैं।

आगे क्या?

रिपोर्टों से पता चलता है कि Copthall Mauritius तत्काल अपील करने के बजाय नियामक के निष्कर्षों के संबंध में स्पष्टीकरण का अनुरोध करने पर विचार कर रही है। यह दृष्टिकोण उन अनुपालन चिंताओं को दूर करने के लिए नियामक के साथ जुड़ने का इरादा दर्शाता है, जिसे फर्म तकनीकी प्रकृति का बता सकती है।

निवेशकों और बाजार सहभागियों के लिए, यह मामला नई ऑक्शन व्यवस्था की नियामक की बढ़ी हुई निगरानी और संभावित अनियमितताओं का पता चलने पर हस्तक्षेप करने की उसकी तत्परता को उजागर करता है। इस आदेश का तत्काल प्रभाव केवल दो संस्थाओं तक सीमित है, लेकिन यह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सख्त अनुपालन वातावरण को रेखांकित करता है। निवेशक भविष्य के घटनाक्रमों पर नज़र रख सकते हैं, जिसमें कंपनियों की औपचारिक प्रतिक्रिया, SEBI की जांच का अंतिम परिणाम और इस जांच से उत्पन्न होने वाली क्लोजिंग ऑक्शन प्रणाली में संभावित नीतिगत समायोजन शामिल हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.