मार्केट रेगुलेटर SEBI ने धांधली के गंभीर आरोपों के बीच Tarapur Transformers और उसके पूर्व प्रमोटर को शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। जांच में **₹31.46 करोड़** की हेराफेरी का खुलासा हुआ है।
बाजार नियामक की बड़ी कार्रवाई
SEBI ने अपनी जांच में पाया कि Tarapur Transformers Limited ने 2018 से 2023 के बीच फर्जी लेनदेन के जरिए कंपनी का फंड दूसरी तरफ मोड़ा था। इस मामले में पूर्व डायरेक्टर राजेंद्र कुमार चौधरी और अन्य 7 एंटिटीज को घेरे में लिया गया है। रेगुलेटर ने कंपनी और उसके सहयोगियों पर 3 साल का बाजार प्रतिबंध लगाया है, जबकि राजेंद्र कुमार चौधरी पर 5 साल तक सिक्योरिटीज मार्केट में व्यापार करने पर रोक लगा दी गई है।
कैसे हुआ फंड का डायवर्जन?
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने चौधरी ग्लोबल, वीधता टावर्स (Veedhata Towers) और लोरेन फाइनेंस (Lorraine Finance) जैसी डमी कंपनियों का एक नेटवर्क खड़ा किया था। इन फर्जी कंपनियों को लोन और एडवांस के नाम पर पैसा ट्रांसफर किया गया, जबकि असल में इनका कोई बिजनेस ऑपरेशन था ही नहीं। इतना ही नहीं, कंपनी पर फर्जी सेल और पर्चेज दिखाकर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत दिखाने का भी आरोप है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि SEBI ने सीधे तौर पर कंपनी पर भारी जुर्माना नहीं लगाया ताकि मौजूदा शेयरधारकों को नुकसान न हो, लेकिन प्रमोटर्स पर अलग से ₹30 लाख और गणेश गंगाराम माधारी पर ₹2 लाख का जुर्माना ठोका गया है।
कंपनी की माली हालत बेहद खराब है। जून 2026 की तिमाही में कंपनी को ₹0.44 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी के कुल प्रमोटर होल्डिंग का लगभग 93.31% हिस्सा गिरवी (Pledge) रखा हुआ है। ऑडिटर्स ने भी कंपनी के कामकाज को लेकर पहले ही चेतावनी दे दी है।
