मार्केट रेगुलेटर SEBI ने Debock Industries और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश मनवीर सिंह को सिक्योरिटीज मार्केट से 7 साल के लिए बैन कर दिया है। यह फैसला अकाउंटिंग में गड़बड़ी और 2023 के राइट्स इश्यू से **₹49 करोड़** के फंड डाइवर्जन की जांच के बाद आया है।
क्या है पूरा मामला?
सेबी (SEBI) की जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को दिखाने के लिए फर्जी अकाउंटिंग एंट्रीज, सर्कुलर ट्रेडिंग और जाली बैंक स्टेटमेंट का सहारा लिया था। इन हथकंडों का इस्तेमाल मुख्य रूप से 2022 में कंपनी के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) मेनबोर्ड पर माइग्रेशन को आसान बनाने के लिए किया गया था ताकि निवेशकों के बीच कंपनी की एक मजबूत छवि बनाई जा सके।
रिकवरी और पेनल्टी का भार
रेगुलेटर ने कंपनी को ₹59.30 करोड़ की अवैध कमाई को 12% ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, 2023 के राइट्स इश्यू से जुटाए गए ₹49 करोड़ को भी रिकवर करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें प्रमोटर्स और ऑफशोर एंटिटीज में डायवर्ट किया गया था। प्रमोटर मुकेश मनवीर सिंह पर व्यक्तिगत रूप से ₹20.10 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है, जबकि सभी शामिल पार्टियों पर कुल जुर्माना ₹28 करोड़ से भी अधिक है।
निवेशकों के लिए सबक
यह कार्रवाई उन कंपनियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो गलत आंकड़ों के जरिए निवेशकों को गुमराह करती हैं। अब कंपनी के सामने ऑपरेशनल और फाइनेंशियल संकट खड़ा हो गया है। प्रमोटर पर बैन और भारी जुर्माने के चलते कंपनी की आगे की राह बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। निवेशकों को सलाह है कि वे उन कंपनियों के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की बारीकी से जांच करें जहां बिना किसी ठोस आधार के तेजी दिखाई देती है।
