SEBI की जांच के बीच Chaubara Eats और Prrsaar Sampada को SAT से मिली बड़ी राहत

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI की जांच के बीच Chaubara Eats और Prrsaar Sampada को SAT से मिली बड़ी राहत

Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Chaubara Eats और Prrsaar Sampada को उनके फ्रीज किए गए एसेट्स तक सीमित पहुंच की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह राहत **₹10 करोड़** की राशि जमा करने की शर्त पर मिली है। दोनों कंपनियों पर **₹28.12 करोड़** के अवैध लाभ कमाने और मार्केट मैनिपुलेशन के आरोप में SEBI की जांच चल रही है।

Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Chaubara Eats Private Limited और Prrsaar Sampada Private Limited को बड़ी राहत देते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया है। इन दोनों कंपनियों पर Securities and Exchange Board of India (SEBI) गंभीर जांच कर रहा है। ट्रिब्यूनल ने इन फर्मों को कुछ बैंक खातों तक पहुंच और विशिष्ट सिक्योरिटीज को लिक्विडेट करने की अनुमति दी है, लेकिन इसके बदले में उन्हें रेगुलेटर के पक्ष में ₹10 करोड़ की राशि एक विशेष खाते में जमा करनी होगी।

यह फैसला SEBI द्वारा 16 सितंबर, 2026 को दिए गए एक अंतरिम आदेश के बाद आया है, जिसमें इन दोनों पर अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच 'क्रॉस-सेगमेंट मार्केट मैनिपुलेशन' का आरोप लगाया गया था। रेगुलेटर का दावा है कि ये कंपनियां 'देसी जेन स्ट्रीट' (Desi Jane Street) जैसी रणनीति अपनाकर स्टॉक फ्यूचर्स में कीमतों को प्रभावित कर रही थीं ताकि ऑप्शंस मार्केट में मुनाफा कमा सकें।

घोटाले की गहराई

SEBI की जांच के अनुसार, इन संदिग्ध ट्रेडिंग गतिविधियों के जरिए ₹28.12 करोड़ का अवैध लाभ अर्जित किया गया है। इसमें ₹22.06 करोड़ Prrsaar Sampada से और ₹6.06 करोड़ Chaubara Eats से संबंधित हैं। अपनी कार्रवाई के तहत, रेगुलेटर ने पहले इन कंपनियों के बैंक और डीमैट खातों को फ्रीज कर दिया था और उन्हें डेरिवेटिव्स मार्केट से दूर रखा था।

निवेशकों के लिए चेतावनी

₹10 करोड़ की जमा राशि को गिरवी रखकर SAT ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है, ताकि जांच जारी रहने के बावजूद कंपनियों का संचालन ठप न हो। निवेशकों के लिए यह मामला एक स्पष्ट संकेत है कि SEBI अब जटिल ट्रेडिंग रणनीतियों और मार्केट मैनिपुलेशन पर कड़ी निगरानी रख रहा है। हालांकि, कंपनियां अभी भी आरोपों से पूरी तरह मुक्त नहीं हुई हैं और जांच जारी है। अगर भविष्य में आरोप साबित होते हैं, तो इन पर भारी जुर्माना या मार्केट से स्थायी रूप से प्रतिबंध लगने का खतरा अभी भी बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.