Omaxe Limited: SAT ने Omaxe की याचिका खारिज की, SEBI का फैसला बरकरार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Omaxe Limited: SAT ने Omaxe की याचिका खारिज की, SEBI का फैसला बरकरार

Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Omaxe Limited की अपील को ठुकरा दिया है। ट्रिब्यूनल ने SEBI के उस आदेश को सही ठहराया है, जिसमें कंपनी पर 'शैम' (नकली) ट्रांजैक्शन के जरिए रिकॉर्ड्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगा था। इस फैसले के बाद कंपनी के टॉप लीडरशिप पर लगा **2 साल** का मार्केट बैन जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला?

1 सितंबर 2026 को Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Omaxe Limited और उसकी सीनियर लीडरशिप की अपील को खारिज कर दिया है। यह फैसला जुलाई 2024 में SEBI द्वारा दिए गए उस आदेश की पुष्टि करता है, जिसमें कंपनी की अकाउंटिंग प्रैक्टिस पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। ट्रिब्यूनल ने माना है कि कंपनी ने 'सर्कुलर ट्रांजैक्शन' के जरिए अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को गलत तरीके से पेश किया, जिनका कोई असल कमर्शियल आधार नहीं था।

ट्रांजैक्शन पर उठे गंभीर सवाल

ट्रिब्यूनल ने पाया कि Omaxe ने 'राउंड-ट्रिपिंग' का सहारा लिया था। रिकॉर्ड्स के अनुसार, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए Jeet Builders Private Limited को लगभग ₹647.73 करोड़ भेजे, जो कुछ समय बाद वापस मूल कंपनी के पास आ गए। ये 'दिखावटी' सौदे 2018 से 2021 के बीच फाइनेंशियल स्टेटमेंट को सजाने के लिए किए गए थे। इसके अलावा, Pullback Apparels के साथ हुए जमीन सौदों में भी कंपनी पर बिना मालिकाना हक के रेवेन्यू दिखाने का आरोप है।

लीडरशिप पर असर

इस फैसले के बाद कंपनी के चेयरमैन Rohtas Goel और मैनेजिंग डायरेक्टर Mohit Goel पर लगा 2 साल का मार्केट बैन बरकरार रहेगा। इन दोनों प्रमोटर्स को इस दौरान सिक्योरिटीज मार्केट में एक्सेस नहीं मिलेगा। साथ ही, उन पर भारी मॉनेटरी पेनल्टी भी लगाई गई है।

कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा है कि वह इस ऑर्डर की समीक्षा कर रही है और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। फिलहाल मैनेजमेंट का कहना है कि ऑपरेशंस पर इसका कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा। निवेशकों को अब कंपनी के गवर्नेंस और ट्रांसपेरेंसी पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.