Religare Enterprises की पूर्व चेयरपर्सन डॉ. रश्मि सलूजा की SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग जुर्माने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टल गई है। अब यह मामला 9 अक्टूबर, 2026 को सुना जाएगा, जिससे कंपनी के साथ जुड़ी रेगुलेटरी अनिश्चितता और लंबी खिंच गई है।
कानूनी दांव-पेच और मामला क्या है?
Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Religare Enterprises की पूर्व कार्यकारी चेयरपर्सन डॉ. रश्मि सलूजा की अपील पर सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। यह कानूनी लड़ाई मई 2026 में SEBI द्वारा दिए गए उस आदेश से जुड़ी है, जिसमें सलूजा पर इनसाइडर ट्रेडिंग के गंभीर आरोप लगे थे। रेगुलेटर का कहना है कि उन्होंने 21 और 22 सितंबर, 2023 को शेयर तब बेचे, जब उनके पास 'प्राइस सेंसिटिव' जानकारी थी। यह जानकारी Burman Group द्वारा 25 सितंबर, 2023 को किए गए ओपन ऑफर से संबंधित थी।
क्या है पेनल्टी और जुर्माना?
SEBI के आदेश के अनुसार, डॉ. सलूजा को उन नुकसानों की भरपाई करने के लिए कहा गया है जो उन्होंने कथित तौर पर इन ट्रेडों के जरिए बचाए थे। यह कुल रकम लगभग ₹1.99 करोड़ बनती है। इसके साथ ही 12 फीसदी प्रति वर्ष का ब्याज और ₹40 लाख का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। फिलहाल मामला ट्रिब्यूनल में है, जहां से राहत की उम्मीद में सुनवाई की तारीख अब 9 अक्टूबर, 2026 तय की गई है।
Religare पर दबाव और रिस्क
कंपनी के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, Religare की सहायक कंपनी Care Health Insurance ने अगस्त 2026 की तिमाही में शानदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन पैरेंट कंपनी के शेयर ₹227.50 के आसपास भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) झेल रहे हैं।
निवेशकों की नजरें अब कंपनी के बहुप्रतीक्षित 'बिजनेस डीमर्जर' (Demerger) प्लान पर टिकी हैं। इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को अलग करने का यह प्रोसेस रेगुलेटरी बाधाओं के चलते पहले ही देरी का सामना कर रहा है। गवर्नेंस से जुड़े सवाल और लीडरशिप की अनिश्चितता ने निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है। अब बाजार की नजर इस पर है कि क्या 9 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई से कोई स्पष्टता आती है या अनिश्चितता का दौर और लंबा चलेगा।
