भारतीय बाजारों में इस वक्त कॉर्पोरेट नतीजों और रिकॉर्ड सेल्स का जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। Reliance Industries ने जहां मुनाफे का नया कीर्तिमान स्थापित किया है, वहीं ऑटो इंडस्ट्री ने पहली बार **5 लाख** यूनिट बिक्री का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।
नवंबर की शुरुआत भारतीय बाजार के लिए काफी एक्शन से भरी रही है। Reliance Industries की जबरदस्त कमाई और ऑटो सेक्टर की ऐतिहासिक बिक्री ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। कंपनियां अब मजबूत मांग और बढ़ती ऑपरेशनल लागत के बीच संतुलन बिठाने की कोशिश कर रही हैं।
Reliance का दमदार प्रदर्शन
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹29,550 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 33.8% ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस के EBITDA में आया 67.9% का उछाल है। हालांकि, रिटेल डिवीजन पर निवेशकों को नजर रखनी होगी, क्योंकि त्योहारी कैलेंडर में बदलाव और महंगाई के चलते मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
ऑटो सेक्टर में ऐतिहासिक तेजी
अक्टूबर में ऑटो इंडस्ट्री ने पहली बार 5 लाख यूनिट की मासिक थोक बिक्री का आंकड़ा पार किया है। Maruti Suzuki ने 2,76,120 यूनिट्स की अपनी अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की है। वहीं, Tata Motors की पैसेंजर व्हीकल सेल्स 23% और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल्स 75% बढ़ी है। बाजार के जानकारों की नजर अब डीलरशिप इन्वेंट्री पर है ताकि देखा जा सके कि यह रफ्तार आगे भी बनी रहेगी या नहीं।
Coal India का धमाका
Coal India ने 57% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹6,547 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी ने ₹10.25 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसके लिए 4 नवंबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है। हालांकि, ई-ऑक्शन से होने वाली कम कमाई पर एनालिस्ट्स ने चिंता जताई है, जो कंपनी के रेवेन्यू पर असर डाल सकती है।
आने वाले दिनों में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच बाजार का रुख कॉर्पोरेट कमेंट्री और डिमांड सस्टेनेबिलिटी पर टिका रहेगा।
