राजकोट के एक अकाउंटेंट को 'Hello Trades' नाम के एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए **₹4.12 करोड़** का भारी नुकसान हुआ है। सोशल मीडिया पर झांसे में लेकर आरोपी ने पैसे ऐंठे और बाद में विड्रॉल बंद कर दिया।
राजकोट की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (Economic Offences Wing) ने ₹4.12 करोड़ की इस बड़ी धोखाधड़ी के मामले में जांच शुरू कर दी है। पीड़ित, जो पेशे से एक अकाउंटेंट हैं, को एक ट्रेडिंग एक्सपर्ट का झांसा देकर 'Hello Trades' एप्लीकेशन के जरिए निवेश करने के लिए मजबूर किया गया। यह मामला उन रिटेल निवेशकों के लिए एक बड़ा सबक है जो सोशल मीडिया के जरिए बिना किसी रेगुलेशन वाले प्लेटफॉर्म्स पर निवेश कर रहे हैं।
कैसे रची गई साजिश?
पीड़ित का संपर्क 2021 में नरेश सेवकरामानी (Naresh Sevakramani) से सोशल मीडिया पर हुआ था। आरोपी ने पहले विश्वास जीता और फिर 2024 में पीड़ित को 'Hello Trades' ऐप इस्तेमाल करने को कहा। यह ऐप पूरी तरह से असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा दिखता था, जिसमें फर्जी प्रॉफिट फिगर्स (Profit Figures) दिखाए जाते थे। लालच में आकर पीड़ित ने अपनी बचत के साथ-साथ परिचितों से उधार लेकर भी पैसा लगाया।
बैंकों के जरिए हुआ खेल
2024 से फरवरी 2026 के बीच, पीड़ित ने कुल ₹6.35 करोड़ इन संदिग्ध कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किए: Siddhi Vinayak Enterprise, Pacify Infra, और Monkey Enterprise। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो विड्रॉल रिक्वेस्ट ब्लॉक हो गई और तकनीकी खराबी के बहाने पैसे रोक दिए गए। फरवरी के शुरुआत तक ऐप पर ₹4.12 करोड़ का बैलेंस दिख रहा था, जो अब पूरी तरह से लॉक है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग आरोपी की तलाश कर रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ब्रोकर या प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले SEBI के साथ उसकी रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें। ध्यान रखें, कोई भी असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कभी भी किसी तीसरी पार्टी या निजी फर्म के बैंक खाते में पैसा जमा करने को नहीं कहता।
