राजस्थान टैक्स विभाग ने GST चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने **25** बिजनेस यूनिट्स में छापेमारी कर **₹22.79 करोड़** की टैक्स देनदारी पकड़ी है, जिसमें से **₹17.93 करोड़** की रिकवरी भी कर ली गई है।
राजस्थान स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट की सख्ती अब रंग ला रही है। हालिया इंस्पेक्शन में 25 प्रतिष्ठानों में बड़ी टैक्स अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग ने न केवल ₹22.79 करोड़ की देनदारी तय की है, बल्कि अब तक ₹17.93 करोड़ की रिकवरी या रिवर्सल भी सुनिश्चित कर लिया है। यह कार्रवाई GST नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
गलत तरीके से ITC क्लेम करने का खुलासा
जांच में सामने आया कि कंपनियां कैसे नियमों को ताक पर रखकर ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठा रही थीं। भिवानी की Angstrom Biotech का मामला सामने आया है, जहां कंपनी ने ऐसे सप्लायर से ITC लिया जिसका GST रजिस्ट्रेशन पहले ही कैंसिल हो चुका था। इस पर ₹60 लाख की लायबिलिटी बनी और कंपनी ने मौके पर ही ₹29.23 लाख जमा किए। वहीं, चूरू जिले की Sevada Trading Company ने कई सालों तक गलत ITC क्लेम किए, जिसके चलते उन पर ₹54.14 लाख की देनदारी बनी। कंपनी ने अब तक ₹10 लाख जमा किए हैं।
रिटर्न फाइलिंग में लापरवाही और TDS का खेल
केवल ITC ही नहीं, एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर भी गंभीर चूकें पकड़ी गई हैं। जोधपुर की K P Infra ने फरवरी 2026 से कोई GST रिटर्न फाइल नहीं किया था, जबकि कंपनी ने ₹2.76 करोड़ का TDS रिपोर्ट किया था। इस गड़बड़ी पर विभाग ने ₹40 लाख की लायबिलिटी तय की है।
टैक्स विभाग अब डेटा-ड्रिवन अप्रोच अपना रहा है, जहां रिटर्न फाइलिंग और सप्लायर डेटा के मिलान से ही कमियां तुरंत पकड़ी जा रही हैं। बिजनेस मालिकों के लिए सलाह है कि वे अपने अकाउंट्स और ITC रिकॉर्ड्स को तुरंत दुरुस्त करें, ताकि भविष्य में होने वाली ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके।
