RBI की सख्त गाइडलाइन्स का असर
RBI ने 13 फरवरी, 2026 को अपने क्रेडिट फैसिलिटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत, बैंक अब कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज़ को अपनी ट्रेडिंग बुक्स के लिए सिक्योरिटीज खरीदने हेतु उधार नहीं दे पाएंगे। हालांकि, खास मार्केट-मेकिंग एक्टिविटीज़ के लिए छूट दी गई है। इसके अलावा, इंटरमीडियरीज़ को मिलने वाले सभी क्रेडिट फैसिलिटीज़ के लिए पूरी तरह से कोलैटरल (सुरक्षा) देना होगा। इक्विटी शेयर्स को कोलैटरल के तौर पर इस्तेमाल करने पर कम से कम 40% का हेयरकट (मूल्य में कमी) लगेगा। बैंक गारंटी के नियम भी और कड़े कर दिए गए हैं।
मार्केट में गिरावट का मंजर
इस रेगुलेटरी बदलाव का असर तुरंत मार्केट पर दिखा। 16 फरवरी को Nifty Capital Markets इंडेक्स में 4.3% तक की गिरावट दर्ज की गई। BSE Ltd के शेयर 10% लुढ़ककर ₹2,726.30 के स्तर पर आ गए। वहीं, Angel One Ltd के शेयर 4% से ज्यादा गिरकर ₹2,540.40 पर पहुँच गए। Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures Ltd के शेयर में भी 4% से अधिक की गिरावट देखी गई। इन नियमों से ऑपरेटिव खर्चों के बढ़ने और डेरिवेटिव्स मार्केट की लिक्विडिटी पर असर पड़ने की आशंका है।