Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Omaxe Limited को बड़ी राहत देते हुए SEBI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी पर दो साल का मार्केट बैन और जुर्माना लगाया गया था।
कानूनी राहत और मामला
Securities Appellate Tribunal (SAT) ने Omaxe Limited, चेयरमैन रोहतास गोयल और मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल के खिलाफ SEBI द्वारा जारी किए गए आदेश पर स्टे लगा दिया है। अक्टूबर 2024 में मिली इस राहत के बाद अब कंपनी और उसके लीडर्स शेयर बाजार में काम करना जारी रख सकते हैं, जबकि अपील की प्रक्रिया अभी भी अदालत में जारी है।
विवाद की जड़
यह मामला 30 जुलाई, 2024 को SEBI द्वारा पारित एक आदेश से शुरू हुआ था। रेगुलेटर ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 से 2020-21 के बीच फर्जी लेनदेन किए, जिससे वित्तीय नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और घाटे को छिपाया गया। इसके चलते SEBI ने ₹47 लाख के जुर्माने के साथ कंपनी पर 2 साल का बैन लगा दिया था।
ऑपरेशन्स पर असर और आगे की राह
हालांकि स्टे ऑर्डर से फिलहाल कंपनी ने राहत की सांस ली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी थमी नहीं है और सुनवाई 2026 तक चलने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए कंपनी का अगला रुख देखना काफी अहम होगा क्योंकि कोर्ट का अंतिम फैसला ही कंपनी की गवर्नेंस पर असर डालेगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कानूनी झमेलों के बीच कंपनी के हालिया नतीजों में सुधार दिखा है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में Omaxe ने ₹0.90 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹185.75 करोड़ का भारी नुकसान हुआ था। रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही इस कंपनी के लिए कर्ज कम करना और कैश फ्लो बरकरार रखना अब सबसे बड़ी चुनौती है। निवेशकों को कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि इसी से भविष्य के कानूनी और वित्तीय संकेत मिलेंगे।
