Ola Electric के शेयरों में आज भारी दबाव देखा गया। कंपनी के **₹1,000 करोड़** के Rights Issue की घोषणा और SEBI की लगातार जारी जांच के बीच शेयर **4.65%** फिसलकर **₹34.63** पर बंद हुआ।
रेगुलेटरी और फाइनेंशियल दबाव
Ola Electric Mobility फिलहाल दोहरी मुसीबत से जूझ रही है। एक तरफ SEBI की सख्त निगरानी है, तो दूसरी तरफ कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस कमजोर बना हुआ है। कंपनी के शेयरों में 4.65% की गिरावट के पीछे मुख्य कारण SEBI द्वारा की जा रही जांच है, जो कंपनी के सेल्स आंकड़ों और VAHAN पोर्टल पर दर्ज डेटा के बीच विसंगतियों पर केंद्रित है। इसके अलावा, सर्विस नेटवर्क विस्तार की जानकारी को लेकर भी नियामक ने सवाल उठाए हैं, हालांकि जून 2026 में कंपनी ने सेटलमेंट के लिए अर्जी दी थी, लेकिन प्रक्रिया अभी भी जारी है।
Rights Issue की डीटेल्स
कंपनी की वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 45% घटकर ₹455 करोड़ रह गया। इस वित्तीय बोझ को कम करने के लिए कंपनी ₹1,000 करोड़ का Rights Issue लेकर आई है।
- इश्यू प्राइस: ₹27 प्रति शेयर (मौजूदा भाव से करीब 26% सस्ता)।
- समय सीमा: यह इश्यू 22 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 30 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।
- रिकॉर्ड डेट: 13 अक्टूबर 2026 तक जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, वे इसमें भाग ले सकेंगे।
प्रमोटर का सपोर्ट
कंपनी ने बताया कि इस फंड का ₹350 करोड़ हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा। वहीं, प्रमोटर Bhavish Aggarwal ने अपना समर्थन जताते हुए 20 करोड़ शेयर गिरवी रखे हैं, जो कंपनी में 4.32% हिस्सेदारी के बराबर है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपने ऑपरेशन्स में सुधार कर पाएगी और Rights Issue का रिस्पांस कैसा रहता है।
