Nutraplus India: कंगाल हुई कंपनी? घाटे में बड़ा उछाल, एसेट्स गायब, ऑडिटर की चेतावनी!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nutraplus India: कंगाल हुई कंपनी? घाटे में बड़ा उछाल, एसेट्स गायब, ऑडिटर की चेतावनी!
Overview

Nutraplus India की आर्थिक हालत बेहद खस्ताहाल नजर आ रही है। कंपनी ने सितंबर 2025 में समाप्त हुई दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में **₹2.09 करोड़** का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा सिर्फ **₹0.04 करोड़** था। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी गिरा है।

नतीजों का पोस्टमार्टम: कहां फिसली Nutraplus India?

Nutraplus India Limited ने सितंबर 30, 2025 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के अनऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की गंभीर वित्तीय मुश्किलों की ओर इशारा कर रहे हैं। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) घटकर ₹0.98 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि (Q2 FY25) में ₹1.17 करोड़ था। कुल आय (Total Income) भी ₹0.98 करोड़ पर आ गई, जो पिछले साल ₹1.17 करोड़ थी। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस (Net Loss) बढ़कर ₹2.09 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल Q2 में यह सिर्फ ₹0.04 करोड़ था। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹-0.11 पर आ गई है।

हाफ-ईयर के नतीजे भी चिंताजनक

यही हाल हाफ-ईयर (YTD FY26) के नतीजों का भी है। 30 सितंबर, 2025 तक रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹1.96 करोड़ रहा, जो पिछले साल YTD FY25 में ₹2.48 करोड़ था। नेट लॉस तो दोगुना होकर ₹2.05 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹0.65 करोड़ था।

ऑडिटर का 'क्वालिफाइड' फैसला: गंभीर खामियां उजागर

इन खराब नतीजों के बीच, ऑडिटर रमन एस. शाह एंड एसोसिएट्स (Raman S. Shah & Associates) की 'क्वालिफाइड लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट' (Qualified Limited Review Report) ने कंपनी की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने लिस्टिंग की ज़रूरतों का पालन नहीं किया है, जिसमें लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट और तिमाही नतीजों को समय पर जमा न करना शामिल है। ऑडिटर का कहना है कि कंपनी ने ज़रूरी वित्तीय जानकारी समय पर नहीं दी, जिससे उनकी समीक्षा (Review) करने की क्षमता पर 'गंभीर असर' पड़ा है।

सबसे बड़ा झटका: सारी प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट गायब!

रिपोर्ट का सबसे सनसनीखेज खुलासा नोट 5 में है, जिसमें बताया गया है कि Nutraplus India ने SARFEASI एक्ट, 2002 के तहत अपनी सारी प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट (Property, Plant, and Equipment) खो दी हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी को FY19-20 में ही नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया गया था। कोविड-19 महामारी के कारण नीलामी में देरी हुई, लेकिन अंततः कंपनी अपनी मुख्य परिचालन संपत्ति खो चुकी है।

बैलेंस शीट की कड़वी सच्चाई: भारी कर्ज, नेगेटिव नेट वर्थ

30 सितंबर, 2025 तक कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक है। कुल संपत्ति (Total Assets) ₹499.76 करोड़ है, लेकिन कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) ₹-571.52 करोड़ हो गई है, जो तकनीकी दिवालियापन (Technical Insolvency) का संकेत है। कंपनी पर कुल कर्ज (Total Borrowings - Non-Current + Current) ₹1017.87 करोड़ का भारी बोझ है। हाथ में नकदी (Cash and Cash Equivalents) सिर्फ ₹0.02 करोड़ है, जिससे नेट डेट (Net Debt) करीब ₹1017.85 करोड़ हो जाता है। कंपनी का करंट रेश्यो (Current Ratio) करीब 0.046 है, जो बताता है कि कंपनी के पास अपने अल्पकालिक कर्ज़ चुकाने के लिए बिल्कुल भी नकदी नहीं है।

आगे का रास्ता: अंधेरा या उजला?

Nutraplus India के सामने नियामक कार्रवाई (SEBI, स्टॉक एक्सचेंज) का खतरा है। कंपनी पूरी तरह से ऑडिट करने में असमर्थ है और अपनी मुख्य संपत्तियों के बिना संचालन कर रही है। मैनेजमेंट की ओर से भविष्य की किसी भी योजना या रिकवरी रणनीति पर कोई कमेंट्री नहीं दी गई है, जिससे निवेशकों को कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। भारी कर्ज और नेगेटिव नेट वर्थ के चलते, यह शेयर बेहद जोखिम भरा और सट्टा (Speculative) माना जा रहा है।

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