भारतीय बाजारों ने सोमवार को अपनी शुरुआती तेजी खो दी है। HDFC Bank और IT शेयरों में दबाव के कारण निफ्टी सुस्त पड़ गया है, जबकि निवेशक RBI की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें **25 बेसिस पॉइंट** की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है।
सोमवार, 5 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार शुरुआती तेजी को बरकरार नहीं रख पाए। निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने भले ही हरे निशान के साथ शुरुआत की, लेकिन सत्र आगे बढ़ने के साथ ही इंडेक्स पर दबाव बढ़ गया। इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग और आईटी सेक्टर में आई उठापटक मुख्य कारण रही।\n\n### HDFC Bank में नेतृत्व परिवर्तन\n\nनिवेशकों की नजरें HDFC Bank पर टिकी रहीं। बैंक ने एक मजबूत बिजनेस अपडेट दिया, जिसमें एडवांसेज में 16.3% और डिपॉजिट्स में 18.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, इसके बावजूद स्टॉक में बिकवाली हावी रही। इसी बीच, बैंक ने अनूप बागची को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने की घोषणा की है। RBI से मंजूरी मिलने के बाद वे 27 अक्टूबर, 2026 से 3 साल के कार्यकाल के लिए कार्यभार संभालेंगे।\n\n### IT सेक्टर पर दबाव\n\nआईटी सेक्टर आज बाजार के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हुआ। HCL Technologies जैसे दिग्गज शेयरों में दिन भर बिकवाली का दबाव बना रहा। सेक्टर लगातार प्राइसिंग प्रेशर और कड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, जिससे हालिया तेजी बरकरार रखना मुश्किल हो रहा है।\n\n### RBI पॉलिसी और बाजार का मिजाज\n\nइस हफ्ते पूरी नजर 5 से 7 अक्टूबर तक चलने वाली RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक पर है। जानकारों का मानना है कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होकर यह 5.50% तक पहुंच सकता है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और कमजोर रुपये के कारण निवेशक फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं।\n\n### टेक्निकल लेवल्स\n\nतकनीकी चार्ट्स के अनुसार, बाजार एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन में फंस गया है। निफ्टी 50 में 22,500 और 22,600 के लेवल पर भारी कॉल राइटिंग देखी जा रही है। जब तक इंडेक्स इन स्तरों के नीचे है, तब तक कंसोलिडेशन बना रह सकता है। नीचे की तरफ 22,320 से 22,340 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। अब बुधवार, 7 अक्टूबर को आने वाला RBI का नीतिगत बयान बाजार की अगली दिशा तय करेगा।
