27 अगस्त 2026 को Nifty 50 में **0.48%** की कमजोरी देखी गई और यह **24,090** पर बंद हुआ। बाजार अब **24,000** के क्रिटिकल सपोर्ट लेवल के बेहद करीब है, जबकि मानसून की कमी और ग्लोबल टेंशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
दबाव में बाजार, क्या टूटेगा सपोर्ट?
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को लगातार दूसरे सत्र में बिकवाली हावी रही। Nifty 50 0.48% गिरकर 24,090.85 के स्तर पर बंद हुआ। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल 24,000 पर है। अगर यह लेवल नहीं टिकता है, तो बाजार में और गिरावट का खतरा बना हुआ है।
Bank Nifty की सुस्ती
बैंकिंग सेक्टर का हाल भी कुछ खास नहीं रहा। Bank Nifty 0.47% की गिरावट के साथ 57,509.95 पर बंद हुआ। इंडेक्स में मोमेंटम की कमी साफ दिख रही है और यह अपने ऊपरी स्तरों को पार करने में नाकाम साबित हो रहा है, जिससे ट्रेडिंग रेंज काफी टाइट हो गई है।
सेक्टर का हाल: कहाँ बिकवाली, कहाँ मजबूती?
बाजार में एक तरफा रुख देखने को मिला। जहां मेटल, बैंकिंग, ऑटो और FMCG जैसे हैवीवेट सेक्टर में भारी बिकवाली रही, वहीं फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई और ये सेक्टर मजबूती के साथ टिके रहे। यह साफ संकेत है कि निवेशक अब जोखिम कम करने के लिए 'डिफेंसिव' शेयरों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
गिरावट की बड़ी वजहें
बाजार पर कई ग्लोबल और घरेलू दबाव हावी हैं:
- मानसून की मार: देश में 14% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण मांग (Rural Demand) घटने का डर है।
- ग्लोबल अनिश्चितता: ग्लोबल मार्केट में जियो-पॉलिटिकल तनाव और टैरिफ बदलने की खबरों से बाजार का सेंटीमेंट खराब है।
- इन्फ्लेशन: बढ़ती महंगाई दर ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रखी है।
अगले कुछ ट्रेडिंग सेशंस में 24,000 का लेवल बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होगा।
