भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार को कमजोरी के साथ शुरुआत हुई। Nifty 50 इंडेक्स **22,700** के अहम लेवल के नीचे लुढ़क गया है, जबकि BSE Sensex में **350** अंकों की गिरावट देखी गई है। आईटी दिग्गज Infosys के शेयरों में **2%** की कमजोरी ने बाजार का मूड खराब कर दिया है।
भारतीय बाजारों में आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव हावी है। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 का 22,700 के स्तर के नीचे जाना ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल माना जाता है। वहीं, BSE Sensex में 350 अंकों की गिरावट के पीछे बड़े पैमाने पर हो रही बिकवाली है, जो लार्ज-कैप और मिड-कैप दोनों सेगमेंट में देखी जा रही है।
IT सेक्टर पर क्यों है दबाव?
बाजार की सुस्ती में आईटी शेयरों की बड़ी भूमिका है, क्योंकि इंडेक्स में इनका वेटेज काफी ज्यादा है। Infosys के शेयरों में 2% की गिरावट ने पूरे सेक्टर के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई काफी हद तक अमेरिका और यूरोप के क्लाइंट्स पर निर्भर करती है। ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितताओं के कारण बड़े निवेशक इस सेक्टर में अपना रिस्क कम कर रहे हैं।
क्या है मार्केट की चाल?
मार्केट ब्रेथ (Market Breadth) काफी कमजोर बनी हुई है, जो यह दर्शाता है कि बिकवाली केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि चौतरफा है। जब निवेशक रिस्क कम करना चाहते हैं, तो वे सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ जाता है।
आने वाले समय में मार्केट की स्टेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या Nifty अपने सपोर्ट लेवल को बचा पाता है। जानकारों का मानना है कि TCS और Wipro जैसी अन्य आईटी कंपनियों के डिमांड पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की एक्टिविटी और ग्लोबल सेंटीमेंट ही बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
