अक्टूबर के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार में कमजोरी का रुख है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ग्लोबल चिंताओं के बीच Nifty 50 इंडेक्स **22,550** के स्तर से नीचे आ गया है। वहीं, निराशाजनक मंथली सेल्स डेटा के चलते ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।
भारतीय शेयर बाजार में अक्टूबर की शुरुआत सुस्त रही। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 गैप-डाउन के साथ खुला और 22,550 के अहम स्तर को तोड़ दिया। वहीं, Sensex भी शुरुआती कारोबार में करीब 225 अंक फिसल गया। बाजार की चाल पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का साफ असर दिख रहा है।
ऑटो सेक्टर की चाल बिगड़ी
इस गिरावट के पीछे ऑटो सेक्टर मुख्य वजह बनकर उभरा है। सितंबर के घरेलू सेल्स आंकड़े उम्मीद से काफी कमजोर रहे हैं, जिसके कारण Bajaj Auto और Mahindra & Mahindra जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल दोनों ही सेगमेंट में मांग सुस्त दिखी है।
IT और बैंकिंग का मिला सहारा
बाजार में कुछ राहत IT सेक्टर से मिली, जहां Nifty IT इंडेक्स में 1% से 1.7% तक की बढ़त देखी गई। इसमें Infosys का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। वहीं, Nifty Private Bank इंडेक्स ने भी मजबूती बनाए रखी। इसी बीच, Kotak Mahindra Bank के शेयरों में हलचल दिखी, क्योंकि RBI ने अनूप कुमार साहा को बैंक का नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
क्या है अगला सपोर्ट लेवल?
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार फिलहाल मंदी के दबाव में है। Nifty के लिए 22,500 का लेवल एक क्रिटिकल सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। यदि बिकवाली इसी तरह जारी रही, तो इंडेक्स 22,400 और 22,200 के निचले स्तरों का परीक्षण कर सकता है। निवेशकों की नजर अब FII की गतिविधियों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर टिकी है।
